मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। 7 और 8 अक्टूबर को भी इन इलाकों में बारिश हो सकती है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में चक्रवाती सिस्टम के साथ पश्चिमी विक्षोभ का असर भी बना हुआ है।
दिन में गर्मी, रात में बढ़ी ठंडक
प्रदेश से 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन मौसम में बदलाव का दौर अभी जारी है। दिन में आसमान साफ रहने से कई शहरों में तेज धूप निकल रही है और अधिकतम तापमान 37 डिग्री से ऊपर पहुंच रहा है। वहीं, रात के तापमान में गिरावट से ठंडक महसूस होने लगी है।
बीती रात इंदौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद बैतूल में 17.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 17.6 डिग्री, पचमढ़ी में 18 डिग्री और अमरकंटक में 18.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 साल के आंकड़ों को देखें तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों का असर देखने को मिलता है। इस बार भी मौसम का ट्रेंड इसी तरह रहने का अनुमान है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने से धूप तेज हुई है, जबकि रात में ठंडक बढ़ गई है।
100 दिन सक्रिय रहा मानसून
मध्य प्रदेश में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून 100 दिन सक्रिय रहा। मानसून ने 24 जून को प्रदेश में दस्तक दी थी और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से इसकी विदाई हो गई।
मानसून सीजन में प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच के मुकाबले 1.5 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में ओवरऑल सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।
पूर्वी MP में ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में कम बारिश
बारिश के आंकड़ों में प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में अंतर देखने को मिला। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा।
जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग को मिलाकर पूर्वी हिस्से में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा रहा। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य की तुलना में 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।
25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
इन 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के बाकी 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।
मानसून की विदाई के बाद अब प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पश्चिमी और मध्य हिस्सों में जहां दिन में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस हो रही है, वहीं रात के तापमान में गिरावट ने ठंडक बढ़ा दी है। दूसरी ओर, पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
