जानकारी के अनुसार ट्रेन जैसे ही कटनी से रवाना हुई कुछ ही देर बाद रीठी स्टेशन के पास दमोह निवासी यात्रियों और सलैया क्षेत्र के अवैध वेंडरों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। मामूली विवाद ने जल्द ही गंभीर रूप ले लिया और वेंडरों ने धारदार हथियारों से यात्रियों पर हमला कर दिया जिससे दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब ट्रेन बकलेहटा स्टेशन पहुंची। आक्रोशित यात्रियों ने सुरक्षा की मांग को लेकर ट्रेन के इंजन की ओर बढ़ने की कोशिश की जिससे माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच पथराव भी शुरू हो गया और ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई।
हालात बिगड़ते देख लोको पायलट ने तुरंत ट्रेन रोक दी और रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस की अनुपस्थिति या देरी से पहुंचने को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौके पर नहीं दिखी।
सूचना मिलने पर रीठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के पहुंचते ही उपद्रवी मौके से फरार हो गए। बाद में डायल 112 की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर रेलवे में अवैध वेंडरों की बढ़ती दबंगई और सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी को उजागर कर दिया है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में आए दिन मारपीट, चोरी और अभद्रता जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं लेकिन सुरक्षा बलों की मौजूदगी बेहद कम दिखाई देती है।
करीब एक घंटे तक बकलेहटा स्टेशन पर ट्रेन रुकी रही जिसके बाद स्थिति सामान्य होने पर इसे आगे के लिए रवाना किया गया। हालांकि इस घटना ने यात्रियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
