नई दिल्ली। भोपाल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बुधवार दोपहर 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया, जिसके साथ लाखों छात्रों का इंतजार खत्म हो गया। इस बार देशभर में कुल पास प्रतिशत 85.20% रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.19% कम है।
भोपाल रीजन के छात्रों के लिए इस बार परिणाम मिश्रित रहा। यहां कुल 79.43% छात्र पास हुए, जो राष्ट्रीय औसत से 5.77% कम है। भोपाल रीजन में मध्यप्रदेश सहित हजारों छात्रों ने परीक्षा दी थी, लेकिन प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह अंतर विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षा संसाधनों और तैयारी स्तर की असमानता को दर्शाता है।
देशभर के क्षेत्रों में तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम) रीजन ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 95.62% पास प्रतिशत हासिल किया। वहीं प्रयागराज रीजन इस बार सबसे कमजोर रहा, जहां केवल 72.43% छात्र सफल हो सके। दिल्ली वेस्ट और दिल्ली ईस्ट ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए 91% से अधिक परिणाम दर्ज किए।
देशभर के क्षेत्रों में तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम) रीजन ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 95.62% पास प्रतिशत हासिल किया। वहीं प्रयागराज रीजन इस बार सबसे कमजोर रहा, जहां केवल 72.43% छात्र सफल हो सके। दिल्ली वेस्ट और दिल्ली ईस्ट ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए 91% से अधिक परिणाम दर्ज किए।
इस बार के रिजल्ट में एक और महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदर्शन में गिरावट देखी गई है। 2025 की तुलना में इस वर्ष कुल पास प्रतिशत कम रहा, जिससे शिक्षा विशेषज्ञों में चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि परीक्षा पैटर्न की कठिनाई, मूल्यांकन मानकों और प्रतिस्पर्धा में वृद्धि इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।
CBSE ने इस बार भी रिजल्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जारी किया है। छात्र अपने रोल नंबर, स्कूल नंबर और जन्मतिथि की मदद से वेबसाइट, DigiLocker और UMANG ऐप पर परिणाम देख सकते हैं। भारी ट्रैफिक के कारण बोर्ड ने छात्रों को वैकल्पिक माध्यमों से रिजल्ट देखने की सलाह दी है।
जो छात्र एक या अधिक विषयों में असफल रहे हैं, उन्हें कंपार्टमेंट परीक्षा का मौका मिलेगा, जिससे उनका वर्ष खराब नहीं होगा। इसके अलावा छात्र वेरिफिकेशन, री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका की कॉपी भी प्राप्त कर सकते हैं।
इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल सिस्टम के तहत की गई, जिससे कॉपियों की जांच अधिक तेज और पारदर्शी रही। परीक्षा 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 के बीच देशभर में एक ही शिफ्ट में आयोजित की गई थी।
अब रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र आगे की पढ़ाई और करियर विकल्पों की ओर बढ़ेंगे, जबकि बोर्ड ने सभी को सही समय पर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने की सलाह दी है।
इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल सिस्टम के तहत की गई, जिससे कॉपियों की जांच अधिक तेज और पारदर्शी रही। परीक्षा 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 के बीच देशभर में एक ही शिफ्ट में आयोजित की गई थी।
अब रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र आगे की पढ़ाई और करियर विकल्पों की ओर बढ़ेंगे, जबकि बोर्ड ने सभी को सही समय पर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने की सलाह दी है।
