पुलिस के अनुसार, इस सनसनीखेज वारदात के पीछे केबल नेटवर्क कारोबार में हिस्सेदारी को लेकर चल रहा विवाद मुख्य कारण है। घायल विक्की यादव शहर में डिस्क और केबल नेटवर्क व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। जांच में सामने आया है कि छोटू कमरिया और उसके साथी विक्की के कारोबार में जबरन साझेदारी चाहते थे। जब विक्की ने उनकी मांग ठुकरा दी तो आरोपियों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। आरोपियों ने विक्की यादव को बातचीत और समझौते का झांसा देकर बुलाया और उसे जबरन कार में बैठा लिया। इसके बाद उसे सिटी सेंटर क्षेत्र की ओर ले जाया गया। रास्ते में और सुनसान स्थान पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। जब वह गंभीर रूप से घायल हो गया तो उस पर पिस्टल से फायर कर दिया। गोली लगने के बाद आरोपी उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिस ने अपहरण और हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे थे, जिसके चलते उनकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर पुलिस अधीक्षक ने मुख्य आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
मंगलवार रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि इनामी बदमाश छोटू कमरिया बेहटा चौकी के पास हाईवे पर किसी वाहन का इंतजार कर रहा है और शहर छोड़ने की तैयारी में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी। सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई।
जैसे ही छोटू कमरिया ने पुलिस को देखा, उसने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने उसे पीछा कर दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा होने और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल घायल विक्की यादव का उपचार जारी है और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
