भोपाल में पीडब्ल्यूडी की करीब 174 किलोमीटर सड़कों का मेंटेनेंस परफॉर्मेंस गारंटी के तहत संबंधित ठेकेदारों को करना है। फिलहाल बड़े गड्ढों में गिट्टी और छोटे गड्ढों में कोल्ड मिक्स डालकर अस्थायी सुधार किया जा रहा है। हालांकि बारिश और लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण यह सामग्री ज्यादा समय तक टिक नहीं पा रही है। स्थायी पैचवर्क के लिए हॉट मिक्स प्लांट से काम कराने की जरूरत है जिसके लिए करीब एक सप्ताह तक मौसम साफ रहना जरूरी बताया जा रहा है।
पुराने शहर से कमलापति घाट की ओर जाने वाले मार्ग पर भी कई जगह सड़क की हालत खराब है। जिंसी से मोती मस्जिद के बीच करीब 3 किलोमीटर के हिस्से में दर्जनों बड़े गड्ढे बताए जा रहे हैं। वहीं प्रोफेसर कॉलोनी से गायत्री मंदिर तक करीब 6.50 किलोमीटर के रास्ते पर भी सड़क सुधार का काम बाकी है। भदभदा घाट की ओर जाने वाले लिंक रोड 3 मुख्य मार्ग 2 नेहरू नगर तुलसी नगर और भदभदा नीलबड़ सीहोर मार्ग पर कई जगह गिट्टी उखड़ चुकी है।
शाहपुरा और कलियासोत क्षेत्र के विसर्जन रूट पर भी अरेरा हिल्स गुलमोहर इकोसिटी दानिशकुंज बावड़ियाकलां और कलियासोत से चेतक ब्रिज तक सड़क सुधार की जरूरत है। अयोध्या बायपास करोंद पलासी बंगरसिया और बावड़ियाकलां मार्ग पर फिलहाल गड्ढों में गिट्टी डाली जा रही है।
इधर प्रेमपुरा घाट के विसर्जन मार्ग पर मेट्रो निर्माण की बैरिकेडिंग भी चुनौती बनी हुई है। सड़क के एक हिस्से में बैरिकेडिंग होने के कारण करीब 4.5 मीटर चौड़ा रास्ता ही बचा है। गुरुवार शाम एसीपी ट्रैफिक अजय बाजपेयी ने डिपो से भदभदा चौराहे के बीच सड़क की चौड़ाई इंचीटेप से नापी। बड़ी झांकियों और ट्रकों की आवाजाही के लिए दोनों तरफ करीब 6-6 मीटर जगह की जरूरत बताई गई है। इसके बाद मेट्रो से बैरिकेड्स पीछे करने के निर्देश दिए गए।
बारिश ने समस्या और बढ़ा दी है। गुरुवार शाम हुई बारिश के बाद बैरागढ़ मेन रोड स्थित विसर्जन घाट के पहुंच मार्ग पर पानी और कीचड़ जमा हो गया। ऐसे में प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती विसर्जन से पहले प्रमुख रास्तों को सुरक्षित और सुगम बनाने की है। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर एससी वर्मा के अनुसार मेंटेनेंस का काम शुरू है और प्रमुख सड़कों के गड्ढे भरे जा रहे हैं। हालांकि स्थायी सुधार के लिए मौसम साफ होना जरूरी है।
