ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, अराघची ने बातचीत के दौरान कहा कि किसी भी संप्रभु देश के वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने इस घटना को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताते हुए कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और समुद्री हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार रखता है। उनका कहना था कि ऐसे हमलों को अनदेखा नहीं किया जा सकता और जिम्मेदार पक्षों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी कथित हमले की आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं रूस और ईरान के बीच विकसित हो रहे व्यापारिक और समुद्री संपर्क मार्गों के लिए भी जोखिम पैदा करती हैं। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना क्षेत्रीय और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
बातचीत के दौरान दोनों विदेश मंत्रियों ने हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी सुरक्षा स्थिति और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का भी उल्लेख किया गया। दोनों पक्षों ने माना कि मौजूदा परिस्थितियों में कूटनीतिक प्रयासों को मजबूत करना और तनाव को नियंत्रित करने के लिए संवाद बनाए रखना आवश्यक है।
ईरानी विदेश मंत्री ने इससे पहले यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास के साथ भी टेलीफोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने कथित हमले की निंदा करते हुए यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री मार्गों की स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी चर्चा की।
ईरान ने इस मामले को लेकर तेहरान में यूक्रेन के प्रभारी राजनयिक को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, संबंधित अधिकारी को विरोध पत्र सौंपते हुए घटना पर ईरान की कड़ी आपत्ति से अवगत कराया गया। मंत्रालय का कहना है कि कथित हमला स्थानीय समयानुसार शनिवार तड़के हुआ, जिसमें जहाज को नुकसान पहुंचा और एक नाविक की मृत्यु हो गई।
ईरानी विदेश मंत्री ने सार्वजनिक रूप से भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े मामलों पर दृढ़ रुख अपनाएगा। दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम पर यूक्रेन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावों के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें संभावित कूटनीतिक कदमों और आगे की जांच पर टिकी हुई हैं। यह घटनाक्रम पहले से संवेदनशील क्षेत्रीय परिस्थितियों के बीच समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
