मिलबेन की यह टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत की न्यूयॉर्क यात्रा को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। मोहन भागवत 29 अगस्त को एक कार्यक्रम में एकात्मता और एकता जैसे विषयों पर संबोधित करने वाले हैं। इसी संदर्भ में ममदानी की टिप्पणियों से जुड़े सवाल पर मिलबेन ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूरे विवाद को केवल किसी एक व्यक्ति या एक कार्यक्रम के संदर्भ में नहीं बल्कि ममदानी की राजनीतिक संबद्धताओं और उनके विचारों के व्यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
मिलबेन ने दावा किया कि ममदानी का डीएसए से जुड़ाव उनके राजनीतिक रुख को समझने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी में उनके कई मित्र और निर्वाचित प्रतिनिधि हैं लेकिन वे समाजवादी आंदोलन या उसके एजेंडे का समर्थन नहीं करते। उनके मुताबिक ममदानी ने खुद को डेमोक्रेटिक पार्टी के एक ऐसे धड़े से जोड़ लिया है जिसका राजनीतिक एजेंडा उन्हें चिंताजनक लगता है।
अमेरिकी गायिका ने ममदानी की टिप्पणियों को भारत और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे से भी जोड़ते हुए कहा कि उनका निशाना केवल आरएसएस प्रमुख तक सीमित नहीं था। मिलबेन के अनुसार इन टिप्पणियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के संदर्भ में धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े विचारों को लेकर भी विरोध का भाव दिखाई देता है। उन्होंने इस तरह के राजनीतिक रुख को अमेरिकी लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए सही नहीं बताया।
हालांकि ममदानी की आलोचना करते हुए मिलबेन ने उनके राजनीतिक कौशल और व्यक्तिगत प्रतिभा की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि ममदानी एक प्रतिभाशाली युवा नेता हैं और अगर उन्हें सही मार्गदर्शन मिलता तथा वह अपनी राजनीतिक दिशा पर पुनर्विचार करते तो उनका भविष्य काफी बेहतर हो सकता था। मिलबेन ने स्पष्ट किया कि उनकी आलोचना का मतलब यह नहीं है कि वह ममदानी की क्षमताओं को नकारती हैं बल्कि उन्हें लगता है कि वह गलत राजनीतिक प्रभावों के बीच आगे बढ़ रहे हैं।
मिलबेन ने कहा कि वह चाहती हैं कि अमेरिका के युवा नेता और निर्वाचित प्रतिनिधि देश के लोकतांत्रिक आदर्शों को मजबूत करते हुए आगे बढ़ें। उनके अनुसार राजनीतिक मतभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं लेकिन नेताओं की भाषा और जिन विचारधाराओं से वे खुद को जोड़ते हैं उनका प्रभाव समाज पर पड़ता है। इसी वजह से उन्होंने ममदानी से अपने हालिया भाषणों और राजनीतिक संबद्धताओं पर दोबारा विचार करने की अपील की।
मिलबेन ने उम्मीद जताई कि ममदानी भविष्य में अपनी राजनीतिक दिशा को लेकर पुनर्विचार करेंगे। उन्होंने उन्हें पूरी तरह खारिज करने के बजाय बदलाव की संभावना पर जोर दिया और कहा कि प्रतिभाशाली युवा नेता के रूप में उनके सामने आगे बढ़ने के कई अवसर हैं। मैरी मिलबेन भारतीय दर्शकों के बीच जन गण मन और ॐ जय जगदीश हरे की प्रस्तुतियों के कारण भी लोकप्रिय हैं। वह भारत और भारतीय प्रवासी समुदाय से जुड़े कई कार्यक्रमों में नजर आती रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना समर्थन सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर चुकी हैं।
