नई दिल्ली। मालदीव के वावू एटोल में एक दर्दनाक डाइविंग हादसे में इटली के 5 अनुभवी गोताखोरों की मौत हो गई। सभी गोताखोर समुद्र के करीब 50 मीटर गहराई में मौजूद अंडरवॉटर गुफाओं की खोज के लिए उतरे थे, लेकिन इसके बाद वे वापस नहीं लौट सके।
स्थानीय अधिकारियों ने इस घटना को मालदीव के इतिहास का सबसे बड़ा डाइविंग हादसा बताया है। अब तक सिर्फ एक गोताखोर का शव बरामद किया गया है, जबकि बाकी चार के गुफा प्रणाली के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
मृतकों की पहचान मोनिका मोंटेफाल्कोने, जॉर्जिया सोमाकाल, फेडेरिको गुआल्तिएरी, म्यूरियल ओडेनिनो और जियानलुका बेनेडेट्टी के रूप में की गई है। ये सभी ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ नाम की बोट से समुद्र में डाइविंग के लिए गए थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार गोताखोर यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा से जुड़े हुए थे, जबकि एक बोट ऑपरेशंस मैनेजर था। इनमें वैज्ञानिक, मरीन बायोलॉजिस्ट और स्कूबा डाइविंग इंस्ट्रक्टर भी शामिल थे।
रेस्क्यू टीम को खराब मौसम और तेज हवाओं (25 से 30 मील प्रति घंटे) के कारण ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समुद्र के अंदर कम विजिबिलिटी और गुफा प्रणाली की जटिल संरचना भी बचाव कार्य को चुनौतीपूर्ण बना रही है।
अधिकारियों के अनुसार, जिस गुफा में डाइवर्स गए थे, उसमें तीन बड़े चैम्बर्स हैं जो संकरी सुरंगों से जुड़े हैं। टीम अब तक दो चैम्बर्स की तलाशी ले चुकी है, लेकिन बाकी हिस्सों में अब भी तलाशी जारी है।
इटली सरकार और डाइविंग विशेषज्ञ संगठन मिलकर शवों को वापस लाने और हादसे की जांच में जुटे हैं। शुरुआती जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि खराब मौसम के कारण डाइवर्स रास्ता भटक गए होंगे या किसी एक डाइवर को बचाने के प्रयास में बाकी लोग भी फंस गए होंगे।
डाइविंग विशेषज्ञ ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी जैसी संभावनाओं की भी जांच कर रहे हैं, जिसमें गहराई में गैस मिश्रण असंतुलित होने पर ऑक्सीजन जहरीली हो सकती है।
फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन मौसम साफ होने के बाद फिर से शुरू किए जाने की तैयारी है, लेकिन गुफा के अंदर शेष चार गोताखोरों की स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है
