मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय मूल के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आयोजन में 30 हजार से अधिक लोगों की मौजूदगी ने इसे ऑस्ट्रेलिया में किसी वैश्विक नेता के स्वागत के लिए आयोजित सबसे बड़े सामुदायिक कार्यक्रमों में शामिल कर दिया। कार्यक्रम के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते संबंधों, सांस्कृतिक जुड़ाव और आर्थिक सहयोग को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने मेलबर्न में भारतीय समुदाय से मिलने की खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि वह लंबे समय से इस मुलाकात का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम को “हाउसफुल” और “ब्लॉकबस्टर” बताते हुए उपस्थित लोगों के उत्साह की सराहना की। इसके बाद उन्होंने विक्टोरिया राज्य के नेतृत्व और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के सम्मान में फ्लैशलाइट जलाने की अपील की, जिसे लोगों ने पूरे उत्साह के साथ स्वीकार किया। कुछ ही क्षणों में पूरा स्टेडियम मोबाइल की रोशनी से जगमगा उठा।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होती साझेदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में दिखाई दे रहा उत्साह दोनों देशों के लोगों के बीच बढ़ते विश्वास और सहयोग का प्रतीक है। उन्होंने भारत की अपनी यात्राओं का उल्लेख करते हुए वहां की संस्कृति, ऊर्जा और विकास की प्रशंसा की तथा दोनों देशों के आर्थिक और सामाजिक संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में दोनों देशों के बीच पिछले वर्षों में मजबूत हुए रिश्तों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में उनके पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद दोनों देशों के संबंध लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 12 वर्षों में यह उनका तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा है, जो द्विपक्षीय संबंधों की बढ़ती मजबूती का संकेत है। उन्होंने इस प्रगति का श्रेय दोनों देशों के लोगों, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय को दिया।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा इंडोनेशिया की यात्रा के बाद शुरू हुआ है। ऑस्ट्रेलिया प्रवास के दौरान दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। मेलबर्न में आयोजित यह कार्यक्रम केवल भारतीय समुदाय के सम्मान का अवसर नहीं रहा, बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गहराते रणनीतिक और जन-स्तरीय संबंधों का भी एक महत्वपूर्ण प्रतीक बनकर सामने आया।
