नेपाल पर्यटन बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार, 105 भारतीय पर्यटकों समेत 300 से अधिक विदेशी नागरिकों के लापता होने की सूचना है। प्रभावित क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों के अलावा नेपाली नागरिक भी लापता बताए जा रहे हैं। अलग-अलग रिकॉर्ड की जांच के चलते लापता लोगों की संख्या में बदलाव संभव है।
पर्यटन और यात्रा क्षेत्र से मिले शुरुआती आंकड़ों में प्रभावित इलाकों से कुल 384 यात्रियों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक बताए गए हैं। प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों, स्थानीय गाइड और यात्रा कंपनियों के रिकॉर्ड का मिलान कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।
लापता विदेशी नागरिकों में भारतीयों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। राहत और तलाश अभियान को तेज करने के लिए 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। दुर्गम और प्रभावित इलाकों तक पहुंच बनाने के लिए बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं।
बाढ़ के कारण नेपाल में बुनियादी ढांचे को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। तेज बहाव की चपेट में आने से 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। कई परियोजनाओं के बांध, विद्युतगृह और वहां तक पहुंचने वाले मार्गों को नुकसान पहुंचने की जानकारी है। बाजारों और सीमा क्षेत्र में खड़े कई वाहन भी पानी के बहाव में बह गए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित इलाकों में आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिंग की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही रोकी गई है। नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने को कहा गया है।
नेपाल में बाढ़ की स्थिति का असर बिहार पर भी पड़ने की आशंका के चलते राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई है। नेपाल सीमा से जुड़े पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने गंडक नदी में करीब तीन मीटर ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका जताई है। इसके मद्देनजर गंडक और अन्य प्रमुख नदियों के आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत और बचाव व्यवस्था को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर संभावित बाढ़ की स्थिति और तैयारियों का जायजा लिया गया। बेतिया, मोतिहारी, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सीतामढ़ी और शिवहर में भी हालात पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत कर नेपाल में आई बाढ़ और बिहार में संभावित प्रभाव को लेकर तैयारियों की जानकारी ली। एनडीआरएफ की कई टीमों को छह जिलों में तैनात किया गया है। कोसी, गंडक और गंगा के आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई है। फिलहाल प्रशासन का जोर संभावित बाढ़ के प्रभाव को कम करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत पहुंचाने पर है।
