शनिवार रात को अंशुल को एक सुनसान इलाके में फर्जी पिज्जा ऑर्डर मिला। जब वह उस स्थान पर पिज्जा डिलीवरी देने गए, तो दो नकाबपोश हमलावरों ने उन पर हमला किया। हमलावरों ने अंशुल के सिर में कई गोलियां मारी और वहां से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार जिस मकान में ऑर्डर दिया गया था वह खाली था।
अंशुल की बहन तन्वी ने बताया कि यह कोई लूटपाट की घटना नहीं थी। हमलावरों ने उनसे न तो पैसे लिए और न ही कोई सामान छीना। यह पूरी घटना पूर्व नियोजित हत्या का संकेत देती है। अंशुल पहले भी लूटपाट का शिकार हो चुके थे, लेकिन इस बार का हमला सुनियोजित और घातक था।
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, फिलाडेल्फिया हाउसिंग अथॉरिटी के सीसीटीवी कैमरों में अंशुल को पिज्जा डिलीवरी करते हुए देखा गया, और उनके पीछे दो संदिग्धों को चलते हुए कैद किया गया। दोनों संदिग्ध गहरे रंग के कपड़े पहने थे और उनके पास बैकपैक था।
परिवार ने अमेरिकी अधिकारियों और भारतीय वाणिज्य दूतावास से अंशुल का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत भेजने की अपील की है। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाण्यसदास ने सोशल मीडिया पर अंशुल की असामयिक मृत्यु पर शोक व्यक्त किया और बताया कि वे परिवार के संपर्क में हैं तथा हर संभव मदद प्रदान की जा रही है।
अंशुल लगभग चार साल पहले नौकरी के सिलसिले में अमेरिका गए थे। परिवार के अनुसार, वे मेहनती और जिम्मेदार व्यक्ति थे, जो वीकेंड में अतिरिक्त आय के लिए पिज्जा डिलीवरी का काम करते थे। उनका परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है।
पुलिस ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिल रहा है कि यह हत्या व्यक्तिगत रूप से अंशुल को निशाना बनाने के लिए की गई थी।
अंशुल की बहन ने कहा, “भाई की हत्या केवल हमारी परिवारिक दुख की वजह नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान देना कितना जरूरी है। हम चाहते हैं कि उनके हत्यारों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनका शव भारत लाया जाए।”
यह घटना फिलाडेल्फिया में भारतीय समुदाय और परिवार को हिला कर रख दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा और जांच टीमों को तैनात किया गया है।
अंशुल की असामयिक मौत से भारतीय समुदाय में चिंता और सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गई है। फिलहाल जांच जारी है, और परिवार तथा दूतावास दोनों यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि शव को भारत लाने की प्रक्रिया जल्द पूरी हो।
