इस अवसर पर भारतीय सिनेमा की उपलब्धियों के साथ फिल्म कलाकारों और पूरी फिल्म इंडस्ट्री की सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में लोकप्रिय कलाकारों के व्यापक प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि खासकर बच्चों और युवाओं पर फिल्म सितारों की बातों और व्यवहार का गहरा असर पड़ता है।
राष्ट्रपति ने फिल्म कलाकारों से ऐसे उत्पादों के प्रचार से बचने की अपील की, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सफल कलाकार जब स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली के फायदे बताते हैं, तो बड़ी संख्या में बच्चे और युवा उनसे प्रेरणा लेते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकप्रियता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। उनके मुताबिक सच्चा सितारा वही है जो समाज में सकारात्मक रोशनी फैलाए। राष्ट्रपति ने किसी विशेष कलाकार या ब्रांड का नाम नहीं लिया, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री से अपने प्रभाव का जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करने का आग्रह किया।
समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की जूरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्तर की प्रत्येक जूरी में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनके अनुसार निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं के दृष्टिकोण को शामिल करने से उसका दायरा और व्यापक हो सकता है।
राष्ट्रपति ने सिनेमा के पर्दे के पीछे काम करने वाले लोगों के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने छोटे कलाकारों, सहायकों, तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों के सम्मान तथा सामाजिक सुरक्षा पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण केवल पर्दे पर दिखाई देने वाले कलाकारों की मेहनत से संभव नहीं होता, बल्कि बड़ी संख्या में लोग इसमें योगदान देते हैं।
पुरस्कारों की बात करें तो ‘आर्टिकल 370’ को वर्ष 2024 के लिए सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म चुना गया। इसी फिल्म में अभिनय के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार प्रदान किया गया। फिल्म की कहानी और प्रस्तुति के साथ यामी के अभिनय को भी इस सम्मान के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में ममूटी और कार्तिक आर्यन को सम्मानित किया गया। ममूटी को ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए जबकि कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। दोनों कलाकारों को मुख्य भूमिका में उनके अभिनय के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह में दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके लंबे योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान वर्ष 2024 के लिए प्रदान किया गया।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का समापन ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ हुआ। समारोह में पुरस्कारों के साथ भारतीय सिनेमा की विविधता, कलाकारों की भूमिका और फिल्म निर्माण से जुड़े हर व्यक्ति के योगदान को भी प्रमुखता दी गई।
