दीप रॉय ने फिल्म में ऊम्पा लूम्पा नाम के छोटे कद वाले किरदार निभाए थे। फिल्म की कहानी में इन पात्रों की बड़ी भूमिका थी और निर्देशक टिम बर्टन चाहते थे कि सभी किरदार एक जैसे दिखाई दें लेकिन उनकी बॉडी लैंग्वेज और व्यवहार अलग अलग हो। एक जैसे दिखने वाले इतने कलाकार मिलना लगभग असंभव था इसलिए यह जिम्मेदारी दीप रॉय ने अपने कंधों पर उठाई।
यह काम सुनने में जितना आसान लगता है वास्तव में उससे कहीं ज्यादा कठिन था। हर सीन के लिए दीप रॉय को अलग अलग एक्सप्रेशन अलग चाल अलग डांस स्टेप और अलग अभिनय करना पड़ता था। एक ही फ्रेम में कई ऊम्पा लूम्पा दिखाने के लिए उन्हें बार बार शूट किया गया और बाद में आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स की मदद से सभी शॉट्स को जोड़कर एक दृश्य तैयार किया गया। यही वजह है कि दर्शकों को ऐसा महसूस होता है जैसे दर्जनों कलाकार एक साथ स्क्रीन पर मौजूद हों जबकि वास्तव में हर किरदार दीप रॉय ने ही निभाया था।
फिल्म का सबसे चर्चित दृश्य विशाल चॉकलेट नदी का था जिसने रिलीज के समय दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी थीं। इस दृश्य को वास्तविक और आकर्षक बनाने के लिए मेकर्स ने लगभग 12.5 लाख लीटर चॉकलेट मिश्रण का इस्तेमाल किया। यह सीन बच्चों और बड़ों दोनों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ और फिल्म की सबसे यादगार झलकियों में शामिल हो गया। सेट डिजाइन और विजुअल इफेक्ट्स के कारण यह दृश्य आज भी हॉलीवुड के बेहतरीन सिनेमाई प्रयोगों में गिना जाता है।
चार्ली एंड द चॉकलेट फैक्ट्री बच्चों के लिए मनोरंजक फैंटेसी फिल्म जरूर है लेकिन इसकी कहानी में मेहनत ईमानदारी लालच और अच्छे व्यवहार जैसे कई सामाजिक संदेश भी छिपे हुए हैं। यही कारण है कि यह फिल्म सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं रही बल्कि हर उम्र के दर्शकों ने इसे पसंद किया। शानदार अभिनय आकर्षक सेट और बेहतरीन तकनीक ने इसे एक क्लासिक फिल्म का दर्जा दिलाया।
दीप रॉय की मेहनत और समर्पण इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत साबित हुई। एक ही कलाकार द्वारा 165 किरदार निभाना केवल अभिनय की चुनौती नहीं बल्कि धैर्य तकनीकी समझ और लंबे समय तक लगातार काम करने का भी उदाहरण था। यही वजह है कि उनका यह रिकॉर्ड आज भी फिल्म जगत में अनोखा माना जाता है और चार्ली एंड द चॉकलेट फैक्ट्री को हॉलीवुड की सबसे यादगार फिल्मों में गिना जाता है।
