‘गोंधल’ को भारत की आधिकारिक ऑस्कर प्रविष्टि के रूप में 18 सितंबर को चुने जाने की घोषणा की गई थी। इस चयन के दौरान फिल्म ने 33 अन्य फिल्मों को पीछे छोड़ा। इसके बाद से ही फिल्म को लेकर चर्चा बढ़ गई थी। अब सिनेमाघरों में इसकी रिलीज की तारीख सामने आने के बाद दर्शकों को इसकी कहानी बड़े पर्दे पर देखने का अवसर मिलेगा। फिल्म का निर्माण और निर्देशन संतोष दावखर ने किया है। इसकी पटकथा भी उन्होंने ही लिखी है। फिल्म का निर्माण दावखर फिल्म्स के बैनर तले किया गया है।
फिल्म की कहानी ग्रामीण महाराष्ट्र की पृष्ठभूमि में आगे बढ़ती है। इसमें आधी रात को आयोजित होने वाले पारंपरिक गोंधल समारोह को कथा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। गोंधल महाराष्ट्र की एक पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है, जिसे फिल्म में कहानी को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख तत्व के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसी समारोह के दौरान पात्रों के जीवन से जुड़े रहस्य सामने आने लगते हैं और घटनाएं धीरे-धीरे गंभीर मोड़ लेती हैं।
फिल्म में इशिता देशमुख सुमन नाम की महिला की भूमिका निभा रही हैं। सुमन की शादी एक अमीर परिवार में होती है, लेकिन वह अपनी जिंदगी से परेशान रहती है। इसी दौरान उसकी मुलाकात साहेबा नाम के एक आकर्षक गोंधली कलाकार से होती है। इस मुलाकात के बाद उसकी जिंदगी में कई बदलाव आते हैं। कहानी आगे बढ़ने के साथ रिश्तों की जटिलताएं, धोखे और विश्वासघात जैसे पहलू उभरते हैं। घटनाक्रम धीरे-धीरे हत्या की साजिश तक पहुंच जाता है। रातभर चलने वाला गोंधल समारोह इन घटनाओं को जोड़ने और कहानी के रहस्य को गहरा करने में अहम भूमिका निभाता है।
‘गोंधल’ में किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी, निषाद भोईर और अनुज प्रभु प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म में कलाकारों के अभिनय के साथ इसकी कहानी और पारंपरिक सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। ग्रामीण महाराष्ट्र का वातावरण और धार्मिक समारोह कथानक को विशिष्ट पहचान देते हैं।फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा ने संभाली है। वहीं, अमलेंदु चौधरी ने सिनेमैटोग्राफी की है। संगीत और दृश्यांकन के जरिए फिल्म के वातावरण तथा घटनाओं को प्रभावी रूप से पर्दे पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुने जाने के बाद ‘गोंधल’ की पहचान देश के बाहर भी बढ़ने की संभावना है। हालांकि, फिल्म की अगली महत्वपूर्ण परीक्षा सिनेमाघरों में होगी, जहां दर्शकों की प्रतिक्रिया उसके प्रदर्शन को लेकर तस्वीर साफ करेगी। 13 नवंबर को रिलीज होने वाली यह मराठी थ्रिलर छह भाषाओं में दर्शकों तक पहुंचेगी। अब देखना होगा कि महाराष्ट्र की पारंपरिक धार्मिक संस्कृति, रहस्य और रिश्तों की उलझनों पर आधारित यह कहानी दर्शकों को कितना प्रभावित करती है।
