सनी देओल हाल ही में अपनी नई फिल्म के प्रचार सिलसिले में सह-कलाकारों आमिर खान और प्रीति जिंटा के साथ पहुंचे थे। बातचीत के दौरान जब अमिताभ बच्चन ने उनके रेसिंग के प्रति जुनून के बारे में पूछा, तो उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें तेज ड्राइविंग और थ्रिलर स्पोर्ट्स का बेहद शौक था। हालांकि, पारिवारिक माहौल और पिता के कड़े रुख के चलते वे इसमें आगे नहीं बढ़ सके।
अभिनेता ने बताया कि उनके पिता धर्मेंद्र बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा बेहद सतर्क और संवेदनशील रहते थे। उस दौर में मोटर स्पोर्ट्स और फॉर्मूला वन रेसिंग जैसे खेलों को काफी जोखिम भरा और खतरनाक माना जाता था। इसी वजह से धर्मेंद्र जी ने उन्हें ऐसे किसी भी खतरनाक खेल में उतरने की अनुमति नहीं दी और उनका यह शौक महज एक इच्छा बनकर रह गया।
भले ही सनी देओल का रेसिंग ड्राइवर बनने का सपना पूरा न हो सका हो, लेकिन उन्होंने हिंदी सिनेमा में एक सफल और प्रतिष्ठित अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाई। वर्ष 1983 में फिल्म ‘बेताब’ से अपने अभिनय सफर की शुरुआत करने वाले सनी ने ‘घायल’, ‘दामिनी’, ‘बॉर्डर’ और ‘गदर’ जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं, जिनकी बदौलत वे आज भी दर्शकों के दिलों पर राज कर रहे हैं।
वर्तमान में सनी देओल अपनी नई रिलीज हुई फिल्म के प्रचार-प्रसार में व्यस्त हैं, जिसका निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है। इस फिल्म में उनके साथ प्रीति जिंटा, करण देओल, शबाना आजमी और अली फजल जैसे मंझे हुए कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इमरान हाशमी की नई एक्शन फिल्म के साथ कड़े मुकाबले का सामना कर रही है।
मध्य प्रदेश और उत्तर भारत के अन्य राज्यों में सनी देओल के प्रशंसकों के बीच उनकी फिल्मों को लेकर हमेशा से जबरदस्त उत्साह देखने को मिलता रहा है। दर्शक उनके एक्शन और दमदार अभिनय को खूब पसंद करते हैं, और उनके पारिवारिक जीवन से जुड़ी यह नई बात जानकर उनके प्रशंसक काफी प्रभावित दिख रहे हैं।
फिल्म विश्लेषकों का मानना है कि सनी देओल का यह ईमानदारी भरा स्वीकारोक्ति बयान यह दर्शाता है कि भारतीय परिवारों में माता-पिता की सुरक्षात्मक सोच बच्चों के फैसलों को किस तरह प्रभावित करती है। बहरहाल, सिनेमा जगत में अपने चार दशक लंबे करियर में सनी देओल ने जो मुकाम हासिल किया है, वह बेहद सराहनीय है।
