इस फिल्म में हॉलीवुड स्टार अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर मुख्य भूमिका में थे। फिल्म की शूटिंग मैक्सिको के दूरदराज जंगलों में बेहद कठिन परिस्थितियों में की जा रही थी। भीषण गर्मी उमस और चुनौतीपूर्ण लोकेशन के बीच कलाकारों और तकनीकी टीम के लिए काम करना आसान नहीं था। लंबे समय तक कठिन माहौल में शूटिंग होने से पूरी यूनिट मानसिक और शारीरिक दबाव से गुजर रही थी।
रिपोर्टों के अनुसार सॉनी लैंडहम कई बार शूटिंग के दौरान सहयोग नहीं करते थे और गुस्से में साथी कलाकारों व क्रू के सदस्यों के साथ आक्रामक रवैया अपनाने लगते थे। स्थिति तब और गंभीर हो जाती थी जब वह जरूरत से ज्यादा शराब पी लेते थे। उनके गुस्से और अनियंत्रित व्यवहार से पूरी यूनिट में तनाव का माहौल बनने लगा था।
हालात इतने बिगड़ गए कि फिल्म के निर्माताओं और प्रोडक्शन टीम को सुरक्षा के लिहाज से बड़ा फैसला लेना पड़ा। उन्होंने सॉनी लैंडहम के साथ हर समय एक विशेष बॉडीगार्ड तैनात कर दिया। यह बॉडीगार्ड उनकी सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि इस बात का ध्यान रखने के लिए रखा गया था कि यदि अभिनेता का व्यवहार बेकाबू हो जाए तो वह तुरंत स्थिति संभाल सके और बाकी कलाकारों व क्रू को सुरक्षित रखे।
बताया जाता है कि मेकर्स ने इसके लिए करीब 6 फुट 8 इंच लंबे और बेहद मजबूत व्यक्ति को चुना था। उसका काम चौबीसों घंटे सॉनी लैंडहम के साथ रहना और किसी भी अप्रिय स्थिति में हस्तक्षेप करना था। यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि फिल्म की शूटिंग बिना किसी बड़े विवाद या हादसे के पूरी की जा सके।
हालांकि तमाम मुश्किलों के बावजूद प्रिडेटर सफलतापूर्वक पूरी हुई और रिलीज के बाद जबरदस्त हिट साबित हुई। अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर की यह फिल्म आज भी हॉलीवुड की सबसे प्रतिष्ठित एक्शन फिल्मों में गिनी जाती है। दूसरी ओर सॉनी लैंडहम का यह किस्सा फिल्म इंडस्ट्री के उन दुर्लभ घटनाक्रमों में शामिल हो गया जिसमें किसी अभिनेता की वजह से पूरी यूनिट की सुरक्षा के लिए अलग से बॉडीगार्ड नियुक्त करने पड़े।
