सुजाता विजयकुमार ने एक इवेंट के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके परिवार पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं और सच्चाई को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2008 में विकटन मैग्जीन को दिया गया एक इंटरव्यू इस पूरे मामले में अहम सबूत साबित हो सकता है, जिसे वह अभी ढूंढ रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि उस पुराने इंटरव्यू में कई ऐसी बातें स्पष्ट हैं, जो मौजूदा विवाद की सच्चाई सामने ला सकती हैं। सुजाता ने यह भी कहा कि यह इंटरव्यू यह साबित करेगा कि कौन किस तरह के दबाव या ब्लैकमेल की बात कर रहा है और शादी से जुड़े घटनाक्रम कैसे रहे थे।
वहीं रवि मोहन द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुजाता ने कहा कि यह कहना गलत है कि उन्हें आर्थिक रूप से परेशान किया गया या अपनी कमाई का उपयोग नहीं करने दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इस विषय पर पहले भी कोर्ट में स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है।
मेडिकल खर्च और हर महीने 25,000 रुपये देने के दावे पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर ऐसा कोई भुगतान किया भी जाता है तो वह एक दामाद के तौर पर उसकी जिम्मेदारी के अंतर्गत आता है, इसे किसी विशेष मदद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
साइबरबुलिंग और हरासमेंट के आरोपों पर सुजाता ने कहा कि वह इस पूरे मामले की जांच साइबर क्राइम यूनिट से कराने की तैयारी में हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि असल में किसके खिलाफ गलत व्यवहार किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि वह इस विवाद को ज्यादा तूल नहीं देना चाहतीं, क्योंकि इसका सीधा असर उनके नाती पर पड़ रहा है, जो इस समय 10वीं कक्षा की परीक्षा की तैयारी कर रहा है और मानसिक तनाव में है। उन्होंने कहा कि बच्चा इस उम्र में ऐसे विवादों का सामना कर रहा है, जो उसके लिए सही नहीं है।
फिलहाल इस पूरे मामले में रवि मोहन, आरती रवि और सुजाता विजयकुमार के बयान लगातार चर्चा में हैं और मामला लगातार नया मोड़ लेता जा रहा है।
