महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन के प्रमुख तुकाराम मुंढे इन दिनों अपने काम करने के तरीके और सख्त रवैये को लेकर चर्चा में हैं। खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़े मामलों में उनकी सक्रियता की वजह से उन्हें लेकर लोगों के बीच काफी चर्चा देखने को मिल रही है। उनके काम की सराहना करने वालों में अब अभिनेता मनोज बाजपेयी का नाम भी जुड़ गया है।
मनोज बाजपेयी ने कहा कि समाज में ईमानदारी और निष्ठा से काम करने वाले लोगों को देखकर लोगों का हैरान होना अपने आप में सोचने वाली बात है। उनके मुताबिक जब किसी अधिकारी को एक जिम्मेदारी सौंपी जाती है और वह व्यक्ति बिना किसी समझौते के अपना काम करता है, तो आज के समय में उसका इस तरह चर्चा में आना समाज की बदलती सोच को भी दिखाता है।
अभिनेता ने उदाहरण देते हुए कहा कि पुलिस अधिकारी या तुकाराम मुंढे जैसे अधिकारी जब अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाते हैं, तो लोग उन्हें अलग नजर से देखने लगते हैं। उनका मानना है कि कर्तव्य के प्रति निष्ठा सामान्य व्यवस्था का हिस्सा होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यही बात लोगों को असाधारण लगने लगी है।
तुकाराम मुंढे को लेकर सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच भी लगातार चर्चा रही है। उनके सख्त प्रशासनिक रवैये और काम के प्रति गंभीरता को लेकर उन्हें रियल लाइफ हीरो तक कहा जा रहा है। मनोज बाजपेयी की टिप्पणी इसी चर्चा के बीच सामने आई है और इससे अधिकारी की कार्यशैली को लेकर जारी सार्वजनिक बहस को और बल मिला है।
वहीं मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म लास्ट मैन इन टावर को लेकर भी चर्चा में हैं। फिल्म का निर्देशन बेन रेखी ने किया है और इसमें मनोज बाजपेयी के साथ दिव्या दत्ता और बोमन ईरानी जैसे कलाकार नजर आएंगे। यह फिल्म लेखक अरविंद अडिगा के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित है।
फिल्म में मनोज बाजपेयी एक सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक का किरदार निभा रहे हैं, जिसे मास्टरजी के नाम से जाना जाता है। कहानी एक ऐसी इमारत के निवासियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां एक बड़े बदलाव को लेकर लोगों के बीच मतभेद पैदा हो जाते हैं। मनोज बाजपेयी का किरदार अपनी कम्युनिटी की इच्छा के विपरीत फैसला लेता है, जिसके बाद इमारत में रहने वाले लोगों के बीच तनाव बढ़ता है।
लास्ट मैन इन टावर 11 सितंबर को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म को लेकर मनोज बाजपेयी के प्रशंसकों के बीच भी उत्सुकता बनी हुई है। अभिनेता इससे पहले कई अलग-अलग तरह के किरदारों में नजर आ चुके हैं और अपनी अभिनय क्षमता के लिए लंबे समय से दर्शकों के बीच पहचान रखते हैं।
तुकाराम मुंढे की कार्यशैली पर मनोज बाजपेयी की टिप्पणी ने एक बार फिर इस सवाल को चर्चा में ला दिया है कि क्या आज के समय में ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करना ही किसी अधिकारी को आम लोगों की नजर में खास बना देता है। उनके बयान का केंद्र यही विचार रहा कि अपने कर्तव्य को पूरी निष्ठा से निभाना किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की सबसे बड़ी पहचान होनी चाहिए।
