विशाल ने शो में अपने परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में भी बताया। उनके पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और कई बार विशाल भी उनके साथ काम की तलाश में निकलते हैं। उनकी मां सफाईकर्मी के तौर पर काम करती हैं। परिवार की आमदनी का कोई स्थायी जरिया नहीं है और इसके बावजूद हर महीने करीब 7 हजार रुपये मकान का किराया देना पड़ता है। विशाल खुद मजदूरी करके रोजाना लगभग 500 से 600 रुपये कमा पाते हैं। सबसे मुश्किल बात यह है कि हर दिन काम मिलना भी तय नहीं होता। कई बार काम नहीं मिलने पर उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ता है।
इन मुश्किल परिस्थितियों के बीच विशाल ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने मजदूरी के साथ पढ़ाई पूरी की और पिछले करीब तीन साल से महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC की तैयारी कर रहे हैं। उनका सपना सरकारी अधिकारी बनने का है। वह चाहते हैं कि एक दिन उनकी मेहनत रंग लाए और वह अपने परिवार को आर्थिक तंगी से बाहर निकाल सकें।
हालांकि उनके लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना भी आसान नहीं था। कई बार परीक्षा का फॉर्म भरने तक के लिए पैसे जुटाना मुश्किल हो जाता था। पढ़ाई के लिए जरूरी किताबें खरीदने में भी आर्थिक परेशानियां सामने आती थीं। लेकिन इन परिस्थितियों ने विशाल के हौसले को कमजोर नहीं किया। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा।
अब KBC 18 ने विशाल को अपनी मेहनत और ज्ञान दिखाने का एक बड़ा मंच दिया है। 5 लाख रुपये जीतने के बाद उनके सामने 50 लाख रुपये का सवाल है। विशाल के आगे का सफर कितना लंबा होगा और क्या वह बड़ी रकम अपने नाम कर पाएंगे यह आने वाले एपिसोड में पता चलेगा। फिलहाल उनकी कहानी उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।
