रामशरण नौटियाल वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चकराता विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। उस चुनाव में उन्हें 27,417 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के प्रीतम सिंह को 36,853 मत प्राप्त हुए थे। इसके बाद भी रामशरण नौटियाल क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे। अब पार्टी से उनके अलग होने के फैसले ने चकराता और विकासनगर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं को बढ़ा दिया है।
रामशरण नौटियाल के इस्तीफे के बाद उनके कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें भी सामने आई हैं। यह चर्चा है कि वह विकासनगर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की दावेदारी कर सकते हैं। उनके कांग्रेस के कुछ नेताओं के संपर्क में होने की बातें भी सामने आई हैं, लेकिन इस संबंध में उनकी ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
इस्तीफे को लेकर भाजपा की ओर से भी अलग प्रतिक्रिया सामने आई है। रामशरण नौटियाल ने अपने निजी सहायक राज के माध्यम से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को इस्तीफा भेजे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उनके इस्तीफे की जानकारी होने से इनकार किया है। इस वजह से इस्तीफे की प्रक्रिया और उसके औपचारिक रूप से स्वीकार होने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
रामशरण नौटियाल पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर चल रहे घटनाक्रमों को लेकर नाराज बताए जा रहे थे। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा के एक कैबिनेट मंत्री की ओर से कथित तौर पर मधु चौहान को अगला दावेदार बताए जाने के बाद रामशरण नौटियाल की पार्टी से दूरी की चर्चा शुरू हुई थी।
इसके अलावा देहरादून में भाजपा की दावेदार मानी जा रही मधु चौहान ने भी हाल में अपनी ही सरकार के एक मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोला था। इस पूरे घटनाक्रम में रामशरण नौटियाल की ओर से कार्रवाई की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। उनका कहना था कि इस मामले में पार्टी की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से वह नाराज चल रहे थे और अब उनका इस्तीफा सामने आया है।
रामशरण नौटियाल वर्ष 2023 में भी अपनी ही पार्टी के स्थानीय नेताओं को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने चकराता और कालसी ब्लॉक में कथित भ्रष्टाचार तथा जौनसार-बावर क्षेत्र में लकड़ी की कथित तस्करी को लेकर आरोप लगाए थे। ये आरोप उस समय उनके द्वारा लगाए गए थे और इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
अब 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले रामशरण नौटियाल के भाजपा से अलग होने के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम पर नजर बनी हुई है। कांग्रेस में शामिल होने और विकासनगर से चुनाव लड़ने की चर्चाएं जरूर हैं, लेकिन अंतिम फैसला और आधिकारिक घोषणा अभी सामने नहीं आई है।
