नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन 11 अक्टूबर 2026 को अपना 84वां जन्मदिन मना रहे हैं। पांच दशक से अधिक लंबे फिल्मी सफर में उन्होंने अपनी दमदार आवाज शानदार अभिनय और यादगार किरदारों के दम पर करोड़ों दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। अमिताभ बच्चन की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने सिनेमा के साथ टेलीविजन पर भी अपनी अलग पहचान कायम की। उनके करियर में कई ऐसी उपलब्धियां दर्ज हैं जिन्होंने उन्हें भारतीय मनोरंजन जगत के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में शामिल किया है।
अमिताभ बच्चन ने वर्ष 1969 में फिल्म सात हिंदुस्तानी से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर के बाद 1973 में रिलीज हुई फिल्म जंजीर ने उनके करियर को नई दिशा दी। इस फिल्म से उनकी एंग्री यंग मैन की छवि लोकप्रिय हुई। इसके बाद दीवार और शोले जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया। 1975 की शोले लंबे समय तक भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित और सफल फिल्मों में शामिल रही। अमर अकबर एंथनी त्रिशूल मुकद्दर का सिकंदर डॉन और लावारिस जैसी फिल्मों ने भी उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। 1978 उनके करियर का खास साल रहा जब डॉन त्रिशूल मुकद्दर का सिकंदर और कसमें वादे जैसी चर्चित फिल्में रिलीज हुईं।
अमिताभ बच्चन ने केवल एक तरह के किरदारों तक खुद को सीमित नहीं रखा। अदालत डॉन और कसमें वादे जैसी फिल्मों में उन्होंने दोहरी भूमिकाएं निभाईं जबकि 1983 की फिल्म महान में वह तीन अलग-अलग किरदारों में दिखाई दिए। समय के साथ उन्होंने गंभीर पारिवारिक भूमिकाओं से लेकर सामाजिक संदेश देने वाली फिल्मों तक अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया। कभी खुशी कभी गम में पारिवारिक पिता की भूमिका हो या पीकू में एक जिद्दी लेकिन संवेदनशील बुजुर्ग का किरदार उन्होंने हर दौर में दर्शकों के साथ जुड़ाव बनाए रखा। पिंक और कल्कि 2898 एडी जैसी फिल्मों में भी उनके अभिनय को खास पहचान मिली।
अमिताभ बच्चन के करियर की बड़ी उपलब्धियों में उनके पुरस्कार भी शामिल हैं। उन्हें अग्निपथ ब्लैक पा और पीकू में अभिनय के लिए चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने का उल्लेख किया जाता है। इसके अलावा उनके नाम कुल 17 फिल्मफेयर पुरस्कार दर्ज हैं। फिल्मफेयर पुरस्कारों में उन्हें 42 नामांकन मिले जिनमें 34 सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में थे। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें 1984 में पद्मश्री 2001 में पद्म भूषण और 2015 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। वर्ष 2018 के लिए उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भी प्रदान किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2007 में फ्रांस के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ऑफिसर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर से भी उन्हें नवाजा गया।
बिग बी की उपलब्धियां फिल्मों और पुरस्कारों तक सीमित नहीं रहीं। वर्ष 1999 में बीबीसी के एक ऑनलाइन सर्वेक्षण में उन्हें एक्टर ऑफ द मिलेनियम चुने जाने की उपलब्धि भी उनके करियर से जुड़ी है। लंदन के मैडम तुसाद संग्रहालय में मोम की प्रतिमा पाने वाले पहले एशियाई अभिनेता के रूप में भी उनका उल्लेख किया जाता है। फिल्म पा में अमिताभ ने ऑरो नाम के बच्चे की भूमिका निभाई थी जबकि उनके वास्तविक जीवन के बेटे अभिषेक बच्चन ने फिल्म में उनके पिता का किरदार निभाया। यह भूमिका उनके अभिनय के सबसे अनोखे प्रयोगों में गिनी जाती है।
टेलीविजन पर भी अमिताभ बच्चन ने अपनी लोकप्रियता का नया अध्याय लिखा। जुलाई 2000 में कौन बनेगा करोड़पति के साथ उन्होंने छोटे पर्दे पर कदम रखा। उनकी सहज मेजबानी सवाल पूछने के अंदाज और प्रतियोगियों के साथ संवाद ने इस कार्यक्रम को खास पहचान दिलाई। शो के 18वें सीजन तक उनका जुड़ाव दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अमिताभ बच्चन का सफर इस बात की मिसाल है कि बदलते दौर के साथ खुद को नया रूप देकर लोकप्रियता बनाए रखी जा सकती है। 84वें जन्मदिन पर उनके प्रशंसक उनके लंबे करियर यादगार फिल्मों और भारतीय सिनेमा में योगदान को याद कर रहे हैं।
