इस तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 35 प्रतिशत बढ़कर 1,179 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 871 करोड़ रुपये था। वहीं, कंपनी की कुल आय में लगभग 78 प्रतिशत की बड़ी छलांग देखने को मिली और रेवेन्यू बढ़कर 23,934 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह वृद्धि कंपनी के विभिन्न बिजनेस सेगमेंट में मजबूत बिक्री और ग्राहकों की बढ़ती मांग का परिणाम मानी जा रही है।
हालांकि कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन मार्जिन में थोड़ी गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद कुल मिलाकर कंपनी का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा। बाजार में कंपनी की स्थिति को देखते हुए निवेशकों का भरोसा और भी मजबूत हुआ है, खासकर तब जब रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई हो।
सबसे बड़ा योगदान कंपनी के ज्वैलरी बिजनेस से आया है, जिसने इस तिमाही में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 18,195 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद ग्राहकों की मांग में कोई कमी नहीं आई, बल्कि प्रीमियम और ब्रांडेड ज्वैलरी की खरीदारी में और तेजी देखी गई। शादी और त्योहारों के सीजन ने भी इस सेगमेंट को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई।
इसके अलावा घड़ियों के कारोबार में भी कंपनी ने स्थिर और मजबूत प्रदर्शन किया है। प्रीमियम और एनालॉग घड़ियों की मांग बढ़ने से इस सेगमेंट की बिक्री में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। उपभोक्ता अब अधिक गुणवत्ता और डिजाइन आधारित उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसका सीधा फायदा कंपनी को मिला है।
कंपनी के नेतृत्व ने इस वित्त वर्ष को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह साल कई मायनों में रिकॉर्ड तोड़ साबित हुआ है। कम समय में रेवेन्यू में तेज़ बढ़ोतरी ने कंपनी की रणनीति और बाजार में उसकी पकड़ को और मजबूत किया है।
शेयर बाजार में भी कंपनी के नतीजों का सकारात्मक असर देखने को मिला। निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के कारण कंपनी के शेयर में तेजी दर्ज की गई और यह नए इंट्राडे स्तर तक पहुंच गया। डिविडेंड की घोषणा ने बाजार में और भी सकारात्मक माहौल बना दिया है, जिससे आने वाले समय में निवेशकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
