टेस्ला इंडिया ने शुक्रवार को इस अपडेट की घोषणा की। कंपनी के अनुसार, सॉफ्टवेयर अपडेट के माध्यम से कारों में नए फीचर्स शामिल करने के लिए ग्राहकों को सर्विस सेंटर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। ये सुविधाएं दूर से ही गाड़ियों तक पहुंचाई जा सकती हैं। इस तकनीक के जरिए कंपनी समय-समय पर अपनी कारों के सॉफ्टवेयर में बदलाव और सुधार उपलब्ध करा सकती है।
नए हैलोवीन मोड में कई ऐसे फीचर्स दिए गए हैं, जो कार के बाहरी और आंतरिक अनुभव को खास बनाते हैं। इसमें भूत की थीम वाला व्हीकल अवतार शामिल है। इसके अलावा हैलोवीन से जुड़े विशेष साउंड इफेक्ट्स, खास लाइटिंग सीक्वेंस, मौसमी व्हीकल रैप और थीम आधारित लॉक साउंड भी दिए गए हैं। इन सुविधाओं के जरिए कार के लुक और आवाज को हैलोवीन के उत्सवी माहौल के अनुरूप बदला जा सकता है।
अपडेट में ट्रिक ऑर ट्रीट मोड भी जोड़ा गया है। इस फीचर को सक्रिय करने पर जब कोई व्यक्ति कार के नजदीक पहुंचता है, तो गाड़ी से विशेष आवाजें और लाइटिंग इफेक्ट्स शुरू हो जाते हैं। यह सुविधा खास तौर पर हैलोवीन थीम को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इससे कार के आसपास होने वाली गतिविधियों के दौरान एक अलग तरह का अनुभव मिलता है।
टेस्ला ने इस अपडेट में फोटोबूथ फंक्शन भी शामिल किया है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता कार में उपलब्ध सुविधाओं का इस्तेमाल करते हुए तस्वीरों से जुड़ा अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही वॉयस मैसेजिंग फीचर भी दिया गया है, जिसके जरिए ग्राहक टेस्ला मोबाइल ऐप की मदद से बोलकर संदेश भेज सकेंगे।
वॉयस मैसेजिंग की खास बात यह है कि उपयोगकर्ता द्वारा ऐप के माध्यम से रिकॉर्ड किए गए संदेश को कार अपनी आवाज में सुनाएगी। इससे वाहन और मोबाइल ऐप के बीच कनेक्टिविटी को एक नया उपयोगी विकल्प मिलेगा। कंपनी का कहना है कि इन सुविधाओं का उद्देश्य ग्राहकों के वाहन अनुभव को अधिक सुविधाजनक और मनोरंजक बनाना है।
कंपनी ने भारतीय ग्राहकों को नए फीचर्स का अनुभव लेने के लिए अपने एक्सपीरियंस सेंटरों पर आने का विकल्प भी दिया है। फिलहाल टेस्ला देश में नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु और मुंबई में एक्सपीरियंस सेंटर संचालित कर रही है। इसके अतिरिक्त पुणे और अहमदाबाद में अधिकृत कोलिजन सेंटर भी मौजूद हैं।
इससे पहले अक्टूबर में टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क ने स्पेसएक्स की टेक्सास स्थित एक फैसिलिटी में रोडस्टर स्पोर्ट्स कार के नए संस्करण का प्रदर्शन किया था। इस दौरान कार के प्रोटोटाइप को एक घुमावदार ऊंचे ट्रैक पर चलते हुए दिखाया गया। प्रदर्शन के दौरान वाहन कुछ समय के लिए जमीन से ऊपर उठा और फिर सुरक्षित रूप से नीचे उतर गया। इस घटनाक्रम ने उड़ने वाली कार की तकनीक को लेकर भी चर्चा पैदा की थी।
