नई दिल्ली। आपकी सैलरी (Salary), फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit-FD), प्रॉपर्टी बेचने या किसी अन्य ट्रांजेक्शन (Transaction) पर टीडीएस (TDS) कट चुका है। लेकिन आपने 31 जुलाई 2026 तक इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return- ITR) दाखिल नहीं किया है। तो इसे हल्के में लेने की गलती न करें। सिर्फ टैक्स कट जाने या टैक्स जमा कर देने से आपकी जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। आईटीआर फाइल नहीं करने पर आपको लेट फीस, ब्याज, टैक्स नोटिस और कई दूसरे नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।
क्यों फाइल करें आईटीआर?
टैक्स का पेमेंट करना और आईटीआर दाखिल करना दो अलग-अलग कानूनी जिम्मेदारियां हैं। अगर आपकी इनकम आईटीआर फाइल करने की लिमिट में आती है, तो टीडीएस कटने या पूरा टैक्स जमा होने के बावजूद रिटर्न फाइल करना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं किया जाता, तो इनकम टैक्स विभाग के रिकॉर्ड में आपकी इनकम और टीडीएस का मिलान नहीं हो पाता, जिससे विभाग की ओर से नोटिस भेजा जा सकता है।
नहीं मिलेगा रिफंड
अगर आपकी कुल सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये से कम है और टीडीएस कट चुका है, तो आईटीआर दाखिल करके आप उस रकम का टैक्स रिफंड ले सकते हैं। लेकिन अगर आपने रिटर्न ही दाखिल नहीं किया, तो यह पैसा वापस नहीं मिलेगा। यानी आपका ही पैसा सरकार के पास अटका रह सकता है।
नहीं होगा ये नुकसान
वहीं, अगर आपकी टैक्स देनदारी बनती है और आपने समय पर आईटीआर दाखिल नहीं किया, तो आपको ब्याज और लेट फीस का पेमेंट करना पड़ सकता है। इनकम टैक्स कानून की धारा 234F के तहत देरी से आईटीआर दाखिल करने पर 5,000 रुपये तक की लेट फीस लग सकती है, अगर आपकी कुल इनकम 5 लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा, बकाया टैक्स पर धारा 234A के तहत ब्याज भी देना पड़ सकता है।
ये हैं नियम
क्रिप्टो या अन्य वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) में निवेश करने वालों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। इस तरह की इनकम पर 30 प्रतिशत की दर से टैक्स लगता है और यह नियम बेसिक छूट सीमा से अलग है। यानी अगर आपकी दूसरी कोई इनकम नहीं है और सिर्फ क्रिप्टो से कमाई हुई है, तब भी टैक्स और आईटीआर से जुड़े नियम लागू हो सकते हैं।
आईटीआर फाइल करने का फायदा
अगर आप समय पर आईटीआर दाखिल नहीं करते हैं, तो भविष्य में होने वाले कुछ फायदे भी छूट सकते हैं। उदाहरण के लिए कुछ मामलों में आप अपने नुकसान को अगले सालों में एडजस्ट नहीं कर पाएंगे। साथ ही इनकम टैक्स विभाग के पास एक्सचेंज और अन्य संस्थानों से ट्रांजेक्शन की जानकारी पहले से पहुंच रही है, इसलिए रिटर्न नहीं फाइल करने पर जांच या नोटिस मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।
