सोमवार के कारोबार में सबसे बड़ा असर वैश्विक बाजारों के संकेतों का देखने को मिल सकता है। अमेरिकी और एशियाई बाजारों की चाल के साथ विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी भारतीय बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार के लिए अहम संकेत रहेंगी। हाल में क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है क्योंकि महंगा कच्चा तेल भारत की आयात लागत और महंगाई से जुड़े अनुमान को प्रभावित कर सकता है।
तकनीकी नजरिए से बाजार में तेजी का सिलसिला कायम रहने के लिए Nifty का अहम स्तरों के ऊपर टिकना जरूरी होगा। दूसरी तरफ अगर शुरुआती कारोबार में बिकवाली बढ़ती है तो बाजार में मुनाफावसूली का दबाव देखने को मिल सकता है। ऐसे माहौल में बिना पूरी जानकारी के तेजी या गिरावट का अनुमान लगाकर ट्रेडिंग करना जोखिम भरा हो सकता है।
नए सप्ताह में कंपनियों के तिमाही नतीजे भी कुछ शेयरों में हलचल बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी या बिकवाली बाजार की दिशा के लिए अहम संकेत देगी। ऐसे में सोमवार को केवल Sensex और Nifty की चाल देखने के बजाय सेक्टर और व्यक्तिगत शेयरों की मजबूती पर भी नजर रखना जरूरी होगा।
कुल मिलाकर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार चढ़ाव के बीच कारोबार रहने की संभावना है। बाजार में तेजी के संकेत मौजूद हैं लेकिन वैश्विक संकेत कच्चे तेल की कीमतें विदेशी निवेशकों का रुख और वित्तीय शेयरों की चाल बाजार को प्रभावित कर सकती है। इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय जोखिम प्रबंधन और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही कदम उठाना चाहिए। यह खबर बाजार की सामान्य जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।
