निफ्टी 50 में आईटीसी के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही और इसमें 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। इसके बाद बीएसई, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, श्रीराम फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, इटरनल, एनटीपीसी और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। दूसरी ओर, एचसीएल टेक, मैक्स हेल्थ, एचडीएफसी बैंक, अपोलो हॉस्पिटल, एशियन पेंट्स, इंफोसिस और सन फार्मा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। व्यापक बाजारों में भी खरीदारी का रुझान रहा। निफ्टी मिडकैप में 0.67 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.47 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी एफएमसीजी ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी फार्मा कमजोर रहे। एक मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद कुछ राहत भरी रिकवरी देखने को मिली। इस बढ़त को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका के कमजोर जॉब्स डेटा के बाद ब्याज दरों में तेज बढ़ोतरी की उम्मीद कम होने से समर्थन मिला। इन परिस्थितियों ने वैश्विक बाजारों में धारणा को बेहतर किया, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।
हालांकि, दिन के उच्चतम स्तर से बाजार में आई गिरावट से संकेत मिलता है कि निवेशक अभी भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। ऊंची वैश्विक बॉन्ड यील्ड, विदेशी निवेश की लगातार निकासी और भू-राजनीतिक जोखिमों को लेकर बाजार में सतर्कता बनी हुई है। एक्सपर्ट ने कहा कि फाइनेंशियल, आईटी और कंज्यूमर सेक्टर के शेयर बाजार को सहारा दे रहे हैं, जबकि कुछ चुनिंदा आईटी और हेल्थकेयर शेयरों में कमजोरी व्यापक स्तर पर भरोसे की कमी को दर्शाती है। ऐसे में निवेशकों को आगे कमाई की संभावनाओं पर ध्यान देने और बाजार की रिकवरी के पीछे भागने के बजाय गिरावट के दौरान चुनिंदा शेयरों में खरीदारी करने पर विचार करना चाहिए।
