इस सप्ताह कंपनियों के तिमाही नतीजे और कारोबारी अपडेट भी बाजार की गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों की नजर उन कंपनियों पर रहेगी जिनके राजस्व मुनाफे या ऑर्डर बुक में बदलाव की जानकारी सामने आई है। Avenue Supermarts यानी डीमार्ट के कारोबारी प्रदर्शन और Premier Energies तथा KEC International जैसे कारोबारियों से जुड़े अपडेट पर भी निवेशकों की दिलचस्पी रह सकती है। कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहने पर संबंधित शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है जबकि कमजोर प्रदर्शन या भविष्य को लेकर चिंता सामने आने पर दबाव भी बन सकता है। इसलिए किसी शेयर में निवेश करने से पहले केवल खबर देखना पर्याप्त नहीं है बल्कि कंपनी की वित्तीय स्थिति और शेयर के मौजूदा मूल्यांकन को समझना भी जरूरी है।
वैश्विक बाजारों के संकेत भी सोमवार की कारोबारी दिशा के लिए अहम रहेंगे। अमेरिका और एशियाई बाजारों की चाल के साथ डॉलर की स्थिति और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बदलाव पर निवेशकों की नजर रह सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भारतीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारक हैं। तेल की कीमतों में तेजी आने से भारत के आयात खर्च और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा रुपये की चाल और विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी या बिकवाली भी बाजार के रुख को प्रभावित कर सकती है। यदि विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ती है तो प्रमुख सूचकांकों पर दबाव देखने को मिल सकता है। वहीं घरेलू निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा दे सकती है।
निवेशकों के लिए सोमवार को सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि वे बाजार में जल्दबाजी से बचें। बाजार खुलते ही किसी शेयर में तेजी दिखाई देने पर तुरंत पैसा लगाने के बजाय कारोबार की दिशा और उपलब्ध जानकारी का आकलन करना बेहतर रहेगा। शेयर चुनते समय कंपनी की कमाई उसकी कर्ज स्थिति कारोबार की संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए। केवल सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं या बिना पुष्टि वाली खबरों के आधार पर निवेश करने से नुकसान का जोखिम बढ़ सकता है।
नए निवेशकों को अपनी आर्थिक स्थिति और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार निवेश की योजना बनानी चाहिए। लंबी अवधि के निवेशक अपने वित्तीय लक्ष्यों और कंपनी की बुनियादी मजबूती पर ध्यान दे सकते हैं जबकि इंट्राडे ट्रेडिंग करने वालों के लिए स्टॉप लॉस और पूंजी प्रबंधन महत्वपूर्ण है। किसी एक शेयर में पूरी रकम लगाने के बजाय निवेश में विविधता रखने पर भी विचार किया जा सकता है। बाजार में मुनाफे की संभावना हमेशा जोखिम के साथ जुड़ी रहती है इसलिए उधार लेकर या जरूरी खर्चों के लिए रखी रकम से शेयर बाजार में निवेश करना उचित नहीं है।
कुल मिलाकर 12 अक्टूबर को बाजार की दिशा समझने के लिए सेंसेक्स और निफ्टी के शुरुआती रुझानों के साथ वैश्विक संकेतों कच्चे तेल की कीमतों विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के कारोबारी अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा। निवेश का फैसला अफवाहों के बजाय विश्वसनीय जानकारी और अपनी वित्तीय योजना के आधार पर लेना समझदारी होगी।
