सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी मेटल 2.33 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी 1.77 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। इसके अलावा निफ्टी ऑटो में 1.58 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज में 1.43 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस में 1.41 प्रतिशत, निफ्टी आईटी में 1.34 प्रतिशत और निफ्टी पीएसई में 1.22 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में बिकवाली ने बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ाया।
बुधवार को कुछ सेक्टरों ने बाजार की व्यापक कमजोरी के बीच बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी पीएसयू बैंक 1 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। निफ्टी मीडिया में 0.69 प्रतिशत और निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.08 प्रतिशत की बढ़त रही। इस तरह बैंकिंग क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मजबूती दिखाई दी, जबकि ज्यादातर प्रमुख सेक्टर लाल निशान में रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कारोबार एक जैसा नहीं रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 378.60 अंक यानी 0.63 प्रतिशत गिरकर 59,382.60 पर बंद हुआ। इसके विपरीत निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 58.25 अंक यानी 0.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,506.95 पर बंद हुआ। इससे बाजार के अलग-अलग हिस्सों में निवेशकों की गतिविधि में अंतर देखने को मिला।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर टाइटन, बीईएल, एशियन पेंट्स, इन्फोसिस, एलएंडटी, टाटा स्टील, एमएंडएम, एचसीएल टेक, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, इंडिगो, एचयूएल, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट और टेक महिंद्रा में गिरावट रही।
बाजार में गिरावट को लेकर जानकारों ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से उम्मीद के मुताबिक ब्याज दर बढ़ाए जाने के बाद घरेलू बाजार ने मौद्रिक नीति के रुख में बदलाव पर तेजी से प्रतिक्रिया दी। नीति रुख के न्यूट्रल से कैलिब्रेटेड टाइटनिंग की ओर जाने को ब्याज दर चक्र में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा गया, जिसका असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा।
इसके अलावा अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक से पहले अमेरिकी यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती के बीच रुपया भी दबाव में रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी ने भी घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ाया। इन वैश्विक और घरेलू कारकों के बीच बुधवार को शेयर बाजार में बिकवाली का रुख हावी रहा।
ऊंची ब्याज दरों के माहौल में बैंकिंग शेयरों को मार्जिन से संभावित लाभ की उम्मीद का फायदा मिला और इस क्षेत्र के कुछ शेयरों ने बाजार की कमजोरी के विपरीत प्रदर्शन किया। हालांकि, बाजार के अधिकांश हिस्सों में बिकवाली का दबाव बना रहा और इसके चलते सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए।
