इस आईपीओ का प्राइस बैंड 47 रुपये से 50 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए लगभग 35 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। इसके तहत करीब 71 लाख नए शेयर जारी किए जाएंगे। शेयर बाजार में इसकी संभावित लिस्टिंग 19 मई को हो सकती है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कम कीमत वाला यह इश्यू छोटे और मध्यम निवेशकों को आकर्षित कर सकता है।
आईपीओ में आवेदन करने के लिए रिटेल निवेशकों को कम से कम 3,000 शेयरों का एक लॉट खरीदना होगा। यदि कोई निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड पर आवेदन करता है तो उसे लगभग 1.50 लाख रुपये का निवेश करना पड़ेगा। वहीं बड़े निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि इससे कहीं अधिक रखी गई है। शेयर आवंटन की प्रक्रिया 15 मई तक पूरी होने की उम्मीद है।
कंपनी पिछले कई वर्षों से फ्लेक्सिबल पैकेजिंग मटेरियल के निर्माण और व्यापार में सक्रिय है। यह मुख्य रूप से प्लास्टिक फिल्म रोल और पैकेजिंग पाउच तैयार करती है, जिनका इस्तेमाल खाद्य पदार्थ, फार्मा और घरेलू उत्पादों की पैकेजिंग में किया जाता है। कंपनी विभिन्न उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कस्टमाइज पैकेजिंग समाधान भी उपलब्ध कराती है, जिससे उसकी बाजार में अच्छी पकड़ बनी हुई है।
भारत में पैकेज्ड फूड, एफएमसीजी और फार्मास्यूटिकल सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इन उद्योगों में बढ़ती मांग का सीधा फायदा पैकेजिंग कंपनियों को मिल रहा है। इसी अवसर को देखते हुए कंपनी अपने कारोबार का विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी आधुनिक मल्टीलेयर पैकेजिंग तकनीक का इस्तेमाल करती है, जिससे उत्पादों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता भी लंबे समय तक बनी रहती है।
कंपनी की उत्पादन इकाई गुजरात के हिम्मतनगर में स्थित है। सीमित संसाधनों के बावजूद कंपनी लगातार अपने कारोबार को मजबूत करने में लगी हुई है। आधुनिक तकनीक और मजबूत वितरण नेटवर्क की मदद से कंपनी पैकेजिंग उद्योग में अपनी स्थिति को और बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 135 करोड़ रुपये से अधिक की आय दर्ज की थी। इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा भी मजबूत रहा, जिससे संकेत मिलता है कि कारोबार लगातार स्थिर गति से आगे बढ़ रहा है। चालू वित्त वर्ष में भी कंपनी ने संतोषजनक प्रदर्शन किया है और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम जारी रखा है।
आईपीओ से मिलने वाली राशि का उपयोग मुख्य रूप से कारोबार विस्तार, पूंजीगत खर्च और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य उत्पादन क्षमता बढ़ाने और बाजार में अपनी मौजूदगी को मजबूत करना है। बढ़ती पैकेजिंग इंडस्ट्री और कम प्राइस बैंड को देखते हुए यह आईपीओ निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
