कंपनी की सहायक इकाई “नासरपोर मलोथा हाईवे प्राइवेट लिमिटेड” ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ एक महत्वपूर्ण कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता गुजरात में नेशनल हाईवे-56 के एक बड़े हिस्से को फोरलेन हाईवे में अपग्रेड करने के लिए किया गया है। यह परियोजना राज्य के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
जानकारी के अनुसार यह हाईवे परियोजना गुजरात के उमरपाड़ा तालुका स्थित नसारपोर गांव से लेकर व्यारा तालुका के मलोथा गांव तक लगभग 60.21 किलोमीटर लंबे हिस्से में विकसित की जाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल यानी HAM मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा। इस मॉडल में निर्माण लागत का एक हिस्सा सरकारी एजेंसी द्वारा वहन किया जाता है, जबकि शेष निवेश कंपनी करती है। इससे परियोजना की फंडिंग और संचालन में संतुलन बना रहता है।
परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1453.57 करोड़ रुपए तय की गई है, जिसमें जीएसटी शामिल नहीं है। कंपनी को यह प्रोजेक्ट निर्धारित नियुक्ति तिथि से 910 दिनों के भीतर पूरा करना होगा। माना जा रहा है कि यह डील कंपनी के ऑर्डर बुक को और मजबूत करेगी तथा आने वाले समय में राजस्व वृद्धि में भी अहम योगदान दे सकती है।
इस बड़ी परियोजना की घोषणा के बाद शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कारोबारी सत्र के दौरान स्टॉक दबाव में दिखाई दे रहा था और करीब ढाई प्रतिशत तक कमजोर हो गया था, लेकिन अंतिम समय में खरीदारी बढ़ने से शेयर हरे निशान में बंद हुआ। बाजार बंद होने तक कंपनी का शेयर लगभग 940 रुपए के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी का कुल मार्केट कैप 9000 करोड़ रुपए से अधिक बताया जा रहा है।
हालांकि, पिछले कुछ समय से कंपनी के शेयरों पर दबाव बना हुआ था। वर्ष 2026 में अब तक स्टॉक में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वहीं, लंबी अवधि की बात करें तो पिछले तीन वर्षों में शेयर ने गिरावट का सामना किया है। ऐसे में यह नया प्रोजेक्ट निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
जीआर इन्फ्राप्रोजेक्ट्स देश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी मुख्य रूप से सड़क, एक्सप्रेसवे, हाईवे और अन्य निर्माण परियोजनाओं के विकास में सक्रिय है। इसके अलावा कंपनी ब्रिज, रेलवे और अन्य इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स पर भी काम करती है। देशभर में कई बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स पर काम करने के कारण कंपनी ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में मजबूत पहचान बनाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और सड़क निर्माण परियोजनाओं के कारण इस सेक्टर की कंपनियों के लिए आने वाले समय में नए अवसर बन सकते हैं। ऐसे में बड़े ऑर्डर मिलने से कंपनियों की वित्तीय स्थिति और बाजार में भरोसा दोनों मजबूत होते दिखाई दे सकते हैं।
