कंपनी का आईपीओ 29 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा। इस सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से गुजरात के राजकोट में नई विनिर्माण इकाई स्थापित करने, कर्ज कम करने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि नई उत्पादन क्षमता से उसके कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सब्सक्रिप्शन के शुरुआती रुझानों में अलग-अलग निवेशक श्रेणियों से सकारात्मक भागीदारी देखने को मिली। खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से में लगभग 64 प्रतिशत आवेदन प्राप्त हुए, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) की श्रेणी पूरी तरह भरते हुए 122 प्रतिशत से अधिक सब्सक्राइब हो गई। वहीं, योग्य संस्थागत खरीदार (क्यूआईबी) श्रेणी में भी करीब 92 प्रतिशत तक आवेदन प्राप्त हुए। इससे यह संकेत मिलता है कि विभिन्न वर्गों के निवेशकों ने कंपनी में रुचि दिखाई है।
ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयर हल्के प्रीमियम पर कारोबार करते दिखाई दिए। बाजार में लगभग 2 रुपये प्रति शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम दर्ज किया गया। कंपनी ने आईपीओ का मूल्य दायरा 83 से 88 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया है। मौजूदा ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर संभावित लिस्टिंग मूल्य करीब 90 रुपये प्रति शेयर आंका जा रहा है। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रे मार्केट केवल एक संकेतक होता है और अंतिम लिस्टिंग प्रदर्शन बाजार की परिस्थितियों तथा निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगा।
यह आईपीओ फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) दोनों का मिश्रण है। कंपनी नए शेयर जारी कर पूंजी जुटा रही है, जबकि कुछ मौजूदा शेयरधारक ऑफर फॉर सेल के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी का आंशिक विनिवेश करेंगे। खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन 1,600 शेयरों का रखा गया है, जिसके लिए ऊपरी मूल्य बैंड के अनुसार लगभग 2.81 लाख रुपये का निवेश करना होगा।
आईपीओ के लिए शेयरों का आवंटन 3 अगस्त 2026 को संभावित रूप से अंतिम रूप दिया जाएगा, जबकि कंपनी के शेयर 5 अगस्त 2026 को बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होने की उम्मीद है। सार्वजनिक निर्गम से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से लगभग 14.84 करोड़ रुपये जुटाए थे, जिससे बड़े निवेशकों का शुरुआती भरोसा भी सामने आया।
एचआर हाइजीन प्रोडक्ट्स वर्ष 2016 से हाइजीन और पर्सनल केयर उत्पादों के निर्माण एवं विपणन के क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी सैनिटरी नैपकिन, बेबी केयर और एडल्ट केयर उत्पादों के साथ अपने कई ब्रांड संचालित करती है और व्हाइट लेबल मैन्युफैक्चरिंग सेवाएं भी उपलब्ध कराती है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की आय बढ़कर 131.90 करोड़ रुपये रही, जबकि कर पश्चात लाभ 11.41 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। आय और मुनाफे में दर्ज हुई इस वृद्धि को निवेशकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। अब बाजार की नजर आईपीओ के अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और आगामी लिस्टिंग प्रदर्शन पर बनी रहेगी।
