पीयूष गोयल ने कहा कि दुनिया के विभिन्न देशों में यूपीआई को मिल रही बढ़ती स्वीकृति इस बात का प्रमाण है कि भारत द्वारा विकसित डिजिटल भुगतान प्रणाली पर वैश्विक भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। उनके अनुसार तकनीक आधारित समाधान केवल भुगतान को सरल बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग, व्यापारिक संपर्क और साझा विकास के नए अवसर भी तैयार कर रहे हैं।
ग्रीस यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने यूरोबैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फोकियन करावियास से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच आर्थिक और निवेश संबंधों को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में ग्रीस की कंपनियों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ विनिर्माण, बुनियादी ढांचा और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने भविष्य में आर्थिक भागीदारी को और व्यापक बनाने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।
एथेंस स्थित यूरोबैंक मुख्यालय में मंत्री ने यूरोबैंक और एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड की साझेदारी के तहत शुरू हुई यूपीआई सेवा का लाइव प्रदर्शन भी देखा। इस अवसर पर बैंकिंग और डिजिटल भुगतान क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने नई व्यवस्था की कार्यप्रणाली और इसके संभावित लाभों की जानकारी दी। इसे भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
अपने दौरे के दौरान पीयूष गोयल ने भारत-ग्रीस बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, स्थिर व्यापक आर्थिक स्थिति और तेजी से विकसित होता औद्योगिक वातावरण विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर प्रदान करता है। उन्होंने ग्रीस के उद्योग जगत से भारत में दीर्घकालिक निवेश और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी को नई दिशा दे सकता है। उनका मानना है कि यदि इस दिशा में प्रगति होती है तो भारतीय और यूरोपीय उद्योगों के बीच सहयोग का दायरा और अधिक व्यापक होगा तथा दोनों क्षेत्रों की कंपनियों को नए बाजार और निवेश के अवसर प्राप्त होंगे।
उन्होंने ग्रीस के उद्योगपतियों और निवेशकों से सह-निर्माण, सह-निवेश और संयुक्त औद्योगिक परियोजनाओं में भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच तकनीक, विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल नवाचार जैसे क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की संभावनाएं मौजूद हैं। इससे रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीस में यूपीआई सेवा की शुरुआत भारत की डिजिटल वित्तीय प्रणाली के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का संकेत है। इससे अंतरराष्ट्रीय भुगतान व्यवस्था अधिक सरल और किफायती बनने के साथ-साथ भारत और ग्रीस के बीच व्यापारिक संपर्क, निवेश सहयोग तथा आर्थिक संबंधों को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में अन्य देशों में भी यूपीआई के विस्तार से भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की वैश्विक पहुंच और मजबूत हो सकती है।
