चांदी की बात करें तो MCX पर दिसंबर 2026 का सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट करीब 2 लाख 25 हजार 700 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर नजर आया। इसमें करीब 1994 रुपये की बढ़त दर्ज की गई। सिल्वर मिनी का भाव करीब 2 लाख 27 हजार 695 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। इससे संकेत मिलता है कि घरेलू कमोडिटी बाजार में कीमती धातुओं में खरीदारी की दिलचस्पी बनी हुई है।
हालांकि सोने और चांदी के भाव केवल घरेलू मांग से तय नहीं होते। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की दिशा डॉलर की चाल ब्याज दरों की उम्मीदें वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग जैसे कई कारकों से प्रभावित होती है। अक्टूबर की शुरुआत में भी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों को लेकर उतार चढ़ाव देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत में कमजोरी के बावजूद घरेलू बाजार में MCX गोल्ड मजबूत दिखाई दिया।
अगर आप आभूषण खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो केवल MCX का भाव देखकर खरीदारी का फैसला नहीं करना चाहिए। बाजार में 24 कैरेट 22 कैरेट और दूसरी शुद्धता के सोने के अलग अलग भाव होते हैं। 24 कैरेट सोना अधिक शुद्ध माना जाता है जबकि आभूषण बनाने के लिए 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल ज्यादा होता है। इसके अलावा अंतिम बिल में GST और मेकिंग चार्ज का असर भी पड़ता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने शहर के स्थानीय ज्वेलर से ताजा रिटेल रेट जरूर जांचना चाहिए।
चांदी खरीदने वालों के लिए भी यही बात लागू होती है। चांदी का भाव आमतौर पर प्रति किलोग्राम बताया जाता है लेकिन ग्राहक जरूरत के हिसाब से ग्राम या छोटी मात्रा में भी खरीद सकते हैं। 5 अक्टूबर के आसपास चांदी के बाजार में तेजी और कमजोरी दोनों के संकेत दिखाई दे रहे हैं इसलिए निवेशकों को अचानक कीमत बढ़ने या घटने पर जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए।
कुल मिलाकर 5 अक्टूबर 2026 को सोना और चांदी दोनों बाजार में चर्चा के केंद्र में हैं। सोने में MCX स्तर पर मजबूती जबकि चांदी में भी बढ़त देखने को मिल रही है। हालांकि कीमती धातुओं में निवेश बाजार जोखिम के अधीन होता है। खरीदारी या निवेश से पहले ताजा भाव शुद्धता टैक्स मेकिंग चार्ज और अपनी वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।
