नई दिल्ली। केंद्र सरकार (Central Government) ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं (Domestic LPG consumers) को राहत देने के लिए एलपीजी सप्लाई और वितरण नियमों में बड़ा बदलाव किया है. केंद्र सरकार ने 25 मई 2026 को ‘लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) संशोधन आदेश 2026’ को अधिसूचित किया. इस संशोधन का उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा देना है, जिन्होंने PNG कनेक्शन ले लिया है।
ऐसे में नए नियमों के तहत पीएनजी लेने पर अब उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन हमेशा के लिए सरेंडर करने की मजबूरी नहीं होगी।
दरअसल, मिडिल ईस्ट संकट के चलते एलपीजी सिलेंडरों को लेकर चल रही वेटिंग को कम करने के लिए सरकार लोगों को लगातार पीएनजी कनेक्शन लेने की सलाह दे रही है. इसको लेकर हाल ही में सरकार ने पीएनजी कनेक्शन के आवेदन पर 7 दिनों के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे. इस बीच सरकार पीएनजी कनेक्शन लेने वालों को और सुविधा देने जा रही है।
पेट्रोल-डीजल के स्टॉक पर सरकार का बड़ा बयान
अब नए नियमों के तहत एलपीजी उपभोक्ताओं के पास दो विकल्प होंगे. पहला, यदि किसी उपभोक्ता ने PNG कनेक्शन ले लिया है तो वह 30 दिनों के भीतर अपने एलपीजी कनेक्शन को बंद कराने के लिए आवेदन कर सकता है. दूसरा, उपभोक्ता चाहें तो भविष्य में एलपीजी कनेक्शन दोबारा शुरू कराने के लिए ट्रांसफर वाउचर प्राप्त कर सकते हैं.
सरकार के अनुसार यह ट्रांसफर वाउचर उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा जो नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से ऐसे क्षेत्रों में स्थानांतरित होते रहते हैं जहां PNG की सुविधा उपलब्ध नहीं है. ऐसे मामलों में उपभोक्ता भविष्य में गैर-PNG क्षेत्र में जाने पर आसानी से अपना एलपीजी कनेक्शन फिर से बहाल करा सकेंगे।
यह नई व्यवस्था विशेष रूप से ट्रांसफरेबल नौकरी करने वाले कर्मचारियों, प्रवासी परिवारों, किराएदारों, छात्रों और उन परिवारों के लिए लाभकारी मानी जा रही है जो समय-समय पर शहर बदलते रहते हैं।
सरकार का कहना है कि इस संशोधन से उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी और उन्हें बार-बार नए एलपीजी कनेक्शन लेने की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. साथ ही PNG और LPG दोनों सुविधाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।
