15 दिन पूर्व मेडिकल परीक्षण के दौरान पुलिस अभिरक्षा से हुआ था फरार
झांसी। कोतवाली थाना क्षेत्र में 15 दिन पूर्व पुलिस को चकमा देकर पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए चोरी की घटना के आरोपित को आखिरकार देर रात कोतवाली थाना व स्वाट की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसके कब्जे से तमंचा-कारतूस बरामद कर लिया। उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

घटनास्थल पर पहुंची एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि बीते 16 मार्च को मेवाती पुरा निवासी महिला ऊषा के घर चोरी की घटना को अंजाम देने के आरोप में पुलिस ने दो आरोपितों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। जिनमें एक आरोपी मध्यप्रदेश के ग्वालियर बिजौली थाना क्षेत्र निवासी संजय उर्फ दीपक तथा दूसरा मध्यप्रदेश के जिला दतिया हरदौल मोहल्ला निवासी नदीम था। नदीम गिरफ्तारी के बाद पुलिस अभिरक्षा से जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के दौरान ज्ञानेन्द्र पटेल व मयंक गुप्ता को चकमा देकर पुलिस हिरासत से भाग निकला था।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने स्वाट और कोतवाली पुलिस को उसकी गिरफ्तारी के लिए लगाया था। स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस नदीम की तलाश कर रही थी। तभी रविवार सुबह तड़के दोनों टीमों को सूचना मिली कि सफेद रंग की अपाचे बाइक से नदीम कही भागने की फ़िराक़ में नगरिया कुआं के पास है। सूचना पर पहुंची दोनों टीमों को देखते ही नदीम ने पुलिस टीम ने तमंचे से फायर कर दिया और भागने लगा।
दोनों टीमों ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें नदीम के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर उसके कब्जे से तमंचा-कारतूस सहित बिना नम्बर की बाइक बरामद कर लिया। घायल अवस्था में उसे उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
