बीती रात प्रदेश में सबसे कम तापमान शाजापुर जिले के गिरवर में दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम पारा 11.9 डिग्री सेल्सियस रहा। दमोह में 12 डिग्री, कटनी के करौंदी में 12.2 डिग्री, पचमढ़ी में 12.4 डिग्री और इंदौर में 12.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
दिन के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आई है। अमरकंटक, पचमढ़ी, मलाजखंड, शिवपुरी और बैतूल में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है।
अगले चार दिन बारिश का अलर्ट नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश के किसी भी जिले में आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 7 और 8 नवंबर को भी मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। इस दौरान आसमान में कहीं-कहीं हल्के बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना नहीं है।
प्रदेश के निचले और ऊपरी हिस्सों में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही रह सकती है। हालांकि, फिलहाल इनसे बारिश होने के आसार नहीं हैं।
15 नवंबर के बाद बढ़ेगी ठंड
पिछले 10 वर्षों के मौसम के रुझान के मुताबिक, नवंबर के दूसरे पखवाड़े से ठंड का असर तेज होने लगता है। इस बार भी महीने के मध्य के बाद तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के कारण रातें ज्यादा ठंडी हो सकती हैं।
मौसम के पुराने रिकॉर्ड भी इस क्षेत्र में कड़ाके की ठंड की गवाही देते हैं। ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। वहीं, उज्जैन में 53 साल पहले नवंबर का न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
महीने के आखिरी हिस्से में फिर बदल सकता है मौसम
नवंबर में भोपाल, इंदौर और जबलपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में बारिश का रुझान रहा है। इस बार भी महीने की शुरुआत में बारिश की गतिविधियां देखने को मिली हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, तीसरे और चौथे सप्ताह में कोई नया सिस्टम सक्रिय होने पर प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर बारिश हो सकती है।
