झांसी के कुरैंचा गांव में नाम बदलकर दिव्य दरबार लगाने वाला प्रदीप शुक्ला हरदोई में गिरफ्तार, कोर्ट के स्थायी वारंट पर चल रहा था फरार।
बाबा का चोला ओढ़कर काट रहा था फरारी, 31 साल पुराने केस में काली सरकार गिरफ्तार
झांसी। दिव्य दरबार लगाकर बीमारियों और लोगों की समस्याओं का समाधान करने का दावा करने वाला काली सरकार उर्फ प्रदीप शुक्ला आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। हरदोई पुलिस ने मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। वह करीब 12 साल से पुलिस की तलाश में था। उस पर वर्ष 1993 और 1998 में दर्ज मुकदमों में न्यायालय में पेश न होने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शाम चार बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रदीप शुक्ला के नाम के साथ नटरोज और काली पंडित नाम भी दर्ज हैं। हरदोई में मुकदमे दर्ज होने के बाद वह झांसी के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र स्थित कुरैंचा गांव में रहने लगा था। यहां उसने अपनी पहचान सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार के रूप में बना ली। मंदिर में रहकर वह दिव्य दरबार लगाता था, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे।
इससे पहले 10 अक्टूबर को भी हरदोई पुलिस ने उसे आश्रम से पकड़ा था, लेकिन पुराने मुकदमों का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण न्यायालय से उसे राहत मिल गई थी। रिकॉर्ड दुरुस्त होने के बाद पुलिस ने दोबारा कार्रवाई की। गिरफ्तारी से पहले 31 अक्टूबर को हरदोई पुलिस मऊरानीपुर पहुंची थी। स्थानीय पुलिस के साथ मंदिर में दबिश दी गई, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उसे संरक्षण देने वाले कुरैंचा निवासी शिवेंद्र से पूछताछ की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, निजी कार से ले जाते समय शिवेंद्र चलती गाड़ी से कूदकर भाग गया था। इस मामले में उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था।
31 साल पुराने मुकदमे में था वांछित
प्रदीप शुक्ला के खिलाफ 1993 में लूट और 1998 में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। कोर्ट में पेश नहीं होने पर स्थायी वारंट जारी हुआ। करीब 12 साल से हरदोई पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। फरारी के दौरान उसने कुरैंचा गांव में ठिकाना बनाकर सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार के नाम से दिव्य दरबार लगाना शुरू कर दिया था।
