पुलिस की जांच में सामने आया है कि नरेंद्र घटना वाले दिन सुबह करीब 8 बजकर 50 मिनट पर अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से घर से निकला था। यह जानकारी आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से मिली है। कुछ समय बाद उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला। शुरुआती जानकारी के अनुसार वह आत्महत्या करने के इरादे से घर से निकला था। हालांकि पुलिस इस मामले में सभी परिस्थितियों और घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि घर के अंदर हुई चार लोगों की हत्या और नरेंद्र की मौत के बीच क्या संबंध था।
बहन ने छह लोगों पर लगाए परेशान करने के आरोप
नरेंद्र की बहन मधु ने आरोप लगाया है कि उसके भाई को कर्ज की रकम को लेकर करीब छह लोग लगातार परेशान कर रहे थे। इनमें नेहा मामा गोपाल साहू श्वेता सिमर चिंटू और देवा के नाम बताए गए हैं। बहन का दावा है कि नरेंद्र हर महीने लगभग 40 हजार रुपये ब्याज के रूप में चुका रहा था। लगातार पैसों की मांग और तकादे के कारण वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। हालांकि पुलिस ने अभी इन आरोपों और ब्याज की रकम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
नरेंद्र के छोटे भाई ने भी पुलिस को बताया कि उसका भाई सीहोर की एक महिला के संपर्क में था। भाई का आरोप है कि महिला उसे ब्लैकमेल करती थी और इसी वजह से उसने दोस्तों से भी पैसे उधार लिए थे। परिजनों ने नरेंद्र के नशा करने की बात भी पुलिस को बताई है। पुलिस इन सभी जानकारियों की अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है।
कर्ज चुकाने के लिए बेचना पड़ा मकान और वाहन
परिवार के मुताबिक नरेंद्र पर आर्थिक संकट लगातार बढ़ता जा रहा था। उसके जीजा दीपक सिंह ने बताया कि नरेंद्र करीब 20 लाख रुपये के कर्ज की बात कहता था। परिवार का अनुमान है कि कुल देनदारी 25 से 30 लाख रुपये तक पहुंच गई थी। कर्ज चुकाने के लिए उसने खेजड़ा स्थित मकान के साथ कार और बाइक भी बेच दी थी। परिवार के गहने तक गिरवी रखने पड़े थे। आर्थिक हालत खराब होने के कारण उसने घर का खर्च देना भी बंद कर दिया था। उसकी बुजुर्ग मां सरस्वती को किराया चुकाने के लिए काम करना पड़ता था।
कारोबार में घाटे के बाद छूट गई नौकरी
नरेंद्र ने पहले पार्टनरशिप में छोटा रेस्टोरेंट शुरू किया था लेकिन घाटे के कारण उसे बंद करना पड़ा। इसके बाद उसने पुरानी कारों की खरीद-बिक्री का कारोबार शुरू किया। इसमें भी नुकसान हुआ और करीब एक साल पहले यह काम भी बंद हो गया। बाद में उसे आष्टा के पास एक रिजॉर्ट में शेफ की नौकरी मिली थी। परिजनों के मुताबिक वह करीब 15 दिनों से काम पर नहीं जा रहा था। घटना से चार दिन पहले एक लेनदार भी रकम मांगने उसके घर पहुंचा था।
बिस्तर पर मिले थे चारों के शव
पुलिस के अनुसार घर में नरेंद्र की मां पत्नी और दो बच्चों के शव बिस्तर पर मिले थे। उनके गले पर धारदार हथियार से हमले के निशान थे और सिर पर भी चोटें मिली थीं। घटनास्थल के पास खून से सना हथौड़ा और चाकू बरामद हुआ है। पुलिस को नरेंद्र की जेब से भगवान के नाम लिखी एक पर्ची भी मिली थी। थाना प्रभारी अरुण शर्मा के मुताबिक यह पर्ची सुसाइड नोट नहीं है। पुलिस अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। साथ ही नरेंद्र के मोबाइल की कॉल डिटेल और आखिरी संपर्कों की पड़ताल की जा रही है ताकि इस दर्दनाक घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
