नवाबाद, कोतवाली और सीपरी बाजार थाना प्रभारियों पर कार्रवाई की मांग, अधिवक्ता संघ ने सोमवार तक का दिया अल्टीमेटम
झांसी। पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। झांसी अधिवक्ता संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में वकीलों ने जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर थाना नवाबाद, कोतवाली और सीपरी बाजार के थाना प्रभारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। इस दौरान प्रदर्शन ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब आक्रोशित अधिवक्ताओं ने एक दरोगा को दौड़ा लिया। साथ ही मारपीट किए जाने की भी चर्चा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

अधिवक्ताओं ने झांसी बस स्टैंड स्थित तीन प्रमुख होटलों में कथित रूप से अनैतिक गतिविधियां संचालित होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इन गतिविधियों पर पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे ने थाना नवाबाद क्षेत्र में कथित देह व्यापार और पुलिस की मिलीभगत को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने नवाबाद थाना प्रभारी और मंडी चौकी पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी कथित रूप से इस धंधे से जुड़े लोगों को संरक्षण दे रहे हैं और आर्थिक लाभ उठा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच ज्ञापन देने पहुंचे अधिवक्ताओं और एक दरोगा के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। और दरोगा को दौड़ा लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दरोगा के साथ मारपीट हुई और किसी सिपाही का मोबाइल भी टूटा। दरोगा के दौड़ाने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच टकराव की स्थिति और गंभीर हो गई है।
वहीं, बार काउंसिल अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अधिवक्ताओं के सम्मान से समझौता हुआ तो पुलिसकर्मियों को कचहरी परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे ने प्रशासन को सोमवार तक का अल्टीमेटम देते हुए मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
