चार पहिया वाहन की मांग पूरी नहीं करने पर मुकदमे में फंसाने का दावा, एसएसपी से निष्पक्ष जांच और साक्ष्य शामिल करने की मांग
झांसी। मऊरानीपुर के ग्राम कुरैचा में 12 वर्षीय बच्चे से कथित कुकर्म के मामले में नया मोड़ आ गया है। नाबालिग के परिजनों की शिकायत पर मंदिर के पुजारी प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट सहित बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद अब महंत ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने पूरे मामले को साजिश करार देते हुए चार पहिया वाहन की मांग पूरी नहीं करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है।
दरअसल, मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुरैचा में 12 वर्षीय बच्चे के साथ कथित यौन उत्पीड़न की शिकायत उसके दादा ने पुलिस से की थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मंदिर के पुजारी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
वहीं, मुकदमा दर्ज होने के बाद महंत ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखते हुए आरोप लगाया कि दीपावली के दौरान नाबालिग के परिवार के लोगों ने उनसे चार पहिया वाहन दिलाने की मांग की थी। असमर्थता जताने पर परिवार के लोग नाराज हो गए और बच्चे को आगे कर उनके खिलाफ पुलिस से शिकायत कर दी।
महंत ने यह भी दावा किया कि अगले दिन उनसे पैसों की मांग की गई। उनके अनुसार, पहले प्रतिमाह 20 हजार रुपये देने की बात हुई, लेकिन बाद में कथित रूप से पांच लाख रुपये मांगे गए। रकम नहीं दे पाने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
महंत ने वीडियो में अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए मेडिकल परीक्षण कराने की मांग भी की और खुद को नपुंसक बताया। उन्होंने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को विवेचना में शामिल करने की अपील की है।
फिलहाल मामले में एक ओर नाबालिग के परिजनों की शिकायत पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है, वहीं दूसरी ओर महंत ने आरोपों को साजिश बताया है। महंत की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
