बोरदोलोई ने स्पष्ट किया कि असम कांग्रेस में कई लोग उनसे संपर्क करने के बावजूद बार-बार अपमानजनक व्यवहार कर रहे थे, और इस स्थिति ने उनके लिए पार्टी में अकेलापन बढ़ा दिया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक को छोड़ दिया है और इसके लिए खुश नहीं हूं, लेकिन हालात ने मुझे यह निर्णय लेने पर मजबूर किया।”
इस्तीफा और पार्टी के भीतर मतभेद
प्रद्युत बोरदोलोई ने यह भी बताया कि वे जीवनभर कांग्रेस से जुड़े रहे, लेकिन हाल ही में उनकी स्थिति इतनी कठिन हो गई थी कि इस्तीफा देना अनिवार्य हो गया। उनका इस्तीफा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) अध्यक्ष को सौंप दिया गया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे असम कांग्रेस में आंतरिक मतभेद और नेताओं के बीच बढ़ते तनाव का संकेत मान रहे हैं।
सीएम सरमा की प्रतिक्रिया
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि फिलहाल उनका सांसद प्रद्युत बोरदोलोई से कोई संपर्क नहीं है, लेकिन भविष्य में बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। राजधानी में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि बोरदोलोई ने केंद्रीय गृह मंत्री से संपर्क किया होता, तो उन्हें इसकी जानकारी जरूर होती। फिलहाल ऐसा प्रतीत नहीं होता कि उन्होंने किसी भाजपा नेता से बात की हो।
विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियां
असम विधानसभा की कुल 126 सीटों में से बहुमत पाने के लिए 64 सीटें आवश्यक हैं। चुनाव अधिसूचना 16 मार्च को जारी की गई, जबकि नामांकन की अंतिम तारीख 23 मार्च है। नामांकन पत्रों की जांच 24 मार्च को होगी और नाम वापसी की आखिरी तारीख 26 मार्च निर्धारित की गई है। मतदान 9 अप्रैल को होगा और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
पिछला चुनाव परिणाम
2021 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने असम की 126 सीटों में से 60 सीटें जीती थीं। कांग्रेस के खाते में 29 सीटें आईं जबकि एआईयूडीएफ ने 16 सीटें हासिल कीं। असम गढ़ परिषद को नौ, यूपीपीएल को छह, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को चार, माकपा को एक और सिबसागर सीट पर निर्दलीय उम्मीदार अखिल गोगोई ने जीत दर्ज की थी।
