यह पहल ऐसे समय में की गई है, जब माइक्रोसॉफ्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी तकनीकों और बुनियादी ढांचे पर अपना निवेश बढ़ा रही है। कंपनी का उद्देश्य बदलती कारोबारी जरूरतों के अनुसार कर्मचारियों की संख्या और संगठनात्मक ढांचे को व्यवस्थित करना है। साथ ही, बढ़ते खर्च के बीच संसाधनों का बेहतर प्रबंधन भी इस कदम का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में लागू होने वाली इस योजना के तहत चुनिंदा टीमों के लेवल 70 और उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया जाएगा। यह सीमित अवधि का कार्यक्रम है। कंपनी ने बताया है कि पात्र कर्मचारियों को घोषणा के कुछ घंटों के भीतर प्रस्ताव से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस योजना में AI एक्सपीरियंस, कोपायलट, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्सेज, एक्सबॉक्स और विंडोज प्लस डिवाइसेज जैसे विभागों के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, मार्केटिंग, कमर्शियल बिजनेस और सिक्योरिटी टीमों को इस कार्यक्रम से बाहर रखा गया है।
कंपनी की चीफ पीपल ऑफिसर एमी कोलमैन ने कर्मचारियों को भेजे गए संदेश में कहा कि यह प्रस्ताव उन पात्र कर्मचारियों को नया विकल्प देता है, जो कंपनी से बाहर अपने भविष्य के बारे में विचार कर रहे हैं। इससे उन्हें सहायता के साथ बदलाव करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम से संबंधित विभागों को अपनी जरूरतों के मुताबिक कार्यबल व्यवस्थित करने का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। कंपनी ने इसे पहले लागू की गई स्वैच्छिक रिटायरमेंट योजना से मिले अनुभवों के आधार पर तैयार किया है।
माइक्रोसॉफ्ट ने कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए 175 अरब डॉलर के पूंजीगत खर्च का अनुमान जताया है। AI क्षेत्र में बढ़ते निवेश के तहत डेटा सेंटर और अत्याधुनिक चिप्स जैसे बुनियादी ढांचे पर भारी रकम खर्च की जा रही है। हालांकि, इतने बड़े निवेश के बीच यह सवाल भी बना हुआ है कि भविष्य में इससे कंपनी को कितना राजस्व और मुनाफा हासिल होगा। कंपनी बुधवार को शेयर बाजार बंद होने के बाद पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित करने वाली है। इन नतीजों से निवेशकों को AI निवेश के कारोबारी प्रभाव का आकलन करने में मदद मिल सकती है।
कर्मचारियों की संख्या में बदलाव के मामले में माइक्रोसॉफ्ट पहले भी कदम उठा चुकी है। इसी साल अमेरिका में करीब 9,000 कर्मचारियों के लिए एक अन्य स्वैच्छिक बायआउट कार्यक्रम घोषित किया गया था, जो वहां के कार्यबल का लगभग सात प्रतिशत था। इसके अलावा जुलाई में कंपनी ने 4,800 नौकरियां समाप्त करने की योजना घोषित की थी। यह फैसला एक्सबॉक्स गेमिंग कारोबार के पुनर्गठन और पांच स्टूडियो तक के विनिवेश की योजना से जुड़ा था। इसका उद्देश्य गेमिंग कारोबार में किए गए निवेश के मुकाबले बेहतर रिटर्न हासिल करना था।
कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून 2026 तक माइक्रोसॉफ्ट में दुनियाभर में 2,23,000 पूर्णकालिक कर्मचारी कार्यरत थे। स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की नई योजना की खबर सामने आने के बाद सोमवार को कंपनी के शेयरों में करीब एक प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इस साल अब तक शेयर लगभग 10 प्रतिशत चढ़ चुके थे। कंपनी के सामने अब AI में निवेश बढ़ाने, खर्च को नियंत्रित रखने और कार्यबल को कारोबारी जरूरतों के अनुरूप ढालने की चुनौती है।
