गांधी उद्यान में अनशन पर बैठे आंदोलनकारी, 24 अक्टूबर से आंदोलन तेज करने की चेतावनी
झांसी। पृथक बुंदेलखंड राज्य सहित विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार से गांधी उद्यान में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया। बुंदेलखंड राज्य निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय एडवोकेट के नेतृत्व में बाबू सिंह यादव, प्रदीप झा एडवोकेट और लल्लू राम अनशन पर बैठे। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने तिलक लगाकर और गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आंदोलन की शुरुआत कराई।
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि तीन साल में बुंदेलखंड राज्य बनाने का वादा 12 साल से अधिक समय बीतने के बाद भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों में रिक्त पद भरने, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज को एम्स का दर्जा देने, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को अनुदानित संस्थान बनाने, शिक्षकों-कर्मचारियों की नियुक्ति और केन-बेतवा परियोजना के विस्थापितों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई।
मोर्चा ने सरकार को 24 अक्टूबर तक का समय देते हुए मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। कांग्रेस नेता राजेंद्र शर्मा ने 24 अक्टूबर को वरिष्ठ नेताओं के साथ धरने को समर्थन देने की घोषणा की। आंदोलन में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
इस मौके पर केंद्रीय महामंत्री अशोक कुमार एडवोकेट, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, मुक्ति मोर्चा महामंत्री दिनेश भार्गव, क्रांति दल अध्यक्ष सतेंद्र पाल, पंकज रावत, मोर्चा ज़िलाध्यक्ष अनिल कश्यप, राजेंद्र शर्मा एडवोकेट, रामजी सिंह जादोंन परीछा, साहब सिंह बुंदेला, मोना राजा, राजेंद्र सिंह यादव, अमित त्रिपाठी, अरवंश लाल, नरेश वर्मा, प्रभुदयाल कुशवाहा, गोलू ठाकुर, पिंकी जैन, विनोद जैन, राकेश त्रिपाठी , आशीष रायकवार, डॉ सुनील तिवारी, सुरेंद्र प्रजापति,प्रफुल तिवारी, एडवोकेट साधना सक्सेना, राधा वर्मा, रजनी वर्मा, आदि अनेकों बुंदेली योद्धा उपस्थित रहे |
