झांसी। करीब 16 साल पुराने चर्चित मामले में न्यायालय ने बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। न्यायालय ने पुलिस को आरोपियों को गिरफ्तार कर 1 दिसंबर 2026 तक अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामला वर्ष 2010 में प्रसारित हुए टीवी कार्यक्रम ‘राखी का इंसाफ’ से जुड़ा है, जिसके प्रसारण के बाद हंसारी निवासी लक्ष्मण अहिरवार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
वर्ष 2010 में एनडीटीवी इमेजिन पर प्रसारित होने वाले ‘राखी का इंसाफ’ कार्यक्रम में घरेलू विवादों से जुड़े मामलों में पति-पत्नी को आमने-सामने बैठाकर उनकी समस्याएं सार्वजनिक रूप से सामने रखी जाती थीं। इसी कार्यक्रम में प्रेमनगर थाना क्षेत्र के हसारी निवासी अनीता ने अपने वैवाहिक विवाद को लेकर शिकायत की थी। इसके बाद वह अपने पति लक्ष्मण अहिरवार के साथ कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग और प्रसारण के बाद दोनों झांसी लौट आए थे।
परिजनों के अनुसार, 9 नवंबर 2010 को लक्ष्मण अहिरवार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया था कि कार्यक्रम के दौरान राखी सावंत ने लक्ष्मण को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया और उसे ‘नामर्द’ कहा था। परिजनों का आरोप था कि टीवी कार्यक्रम में हुई कथित बेइज्जती के बाद लक्ष्मण मानसिक रूप से परेशान था और सामाजिक बदनामी से क्षुब्ध होकर उसने आत्मघाती कदम उठाया।
घटना के बाद प्रेमनगर पुलिस ने राखी सावंत और कार्यक्रम से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 572/2010 में धारा 294, 500, 501 और 504 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामले की विवेचना पहले प्रेमनगर और बाद में सीपरी बाजार पुलिस को सौंपी गई। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने राखी सावंत समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
इस मामले में राखी सावंत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का भी रुख किया था। वहीं, झांसी की सिविल जज (जूडिशियल)/एफटीसी सीएडब्ल्यू अंजली सिंह की अदालत में मामले की सुनवाई चलती रही।
16 अक्टूबर 2026 को अदालत ने मामले में राखी सावंत समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए पुलिस को उन्हें गिरफ्तार कर 1 दिसंबर को न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए। करीब डेढ़ दशक पुराने इस मामले में अदालत के आदेश के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर है।
