झांसी। दो साल पहले टाफी देने के बहाने ले जाकर सात वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी के न्यायालय ने 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं एक लाख रुपए अर्थदण्ड से दंडित किया।
विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि वादी मुकदमा ने थाना मऊरानीपुर में तहरीर देते हुए बताया था कि 18 मई 2024 को शाम करीब 5 बजे उसके पड़ोस का रहने वाला गोविन्ददास उर्फ बल्लू उम्र लगभग 47 वर्ष उसके घर के पास आया वहाँ पर उसकी पुत्री कुछ बच्चों के साथ खेल रही थी, बेटी उम्र करीब सात साल को टॉफी खिलाई और टॉफी देने के बहाने बहला फुसलाकर अपने साथ लिवा ले गया, जब कुछ समय बाद बच्ची घर के अन्दर नहीं आई तो वह बच्ची को देखने बाहर आया किन्तु वहां बच्ची मौजूद नहीं मिली।शाम करीब 06.30 बजे बच्ची घर पर रोती आ गई व उसने सारी घटना बताई कि गोविन्द दास उर्फ बल्लू ने अपने खेत वाले घर पर ले जाकर उसके साथ गलत काम किया है। उसने गोविन्द दास को तलाश किया तो वह नहीं मिला।
धारा-376 (क) (ख) भा.दं.सं. व धारा-5एम/6 पॉक्सो एक्ट के तहत थाना-मऊरानीपुर में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना उपरांत आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया गया। प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर दोषसिद्ध अपराधी गोविन्द दास उर्फ बल्लू कुशवाहा को धारा-5एम/6 पॉक्सो एक्ट के अपराध के लिए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं एक लाख रुपए अर्थदण्ड ,अर्थदण्ड न अदा करने पर 03 वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गयी।
