मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी विश्व पटल पर पहचान प्राप्त हो रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में स्थान मिला है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे मध्यप्रदेश की पुरासंपदा और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर मिला है।
डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उदयगिरि गुफाएं, बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला और चंबल घाटी के मंदिर समूह को अस्थायी सूची में शामिल किया जाना राज्य की सांस्कृतिक संपदा के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपनी विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी मध्यप्रदेशवासियों को अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने और उनके महत्व को समझने के लिए साझा संकल्प को और मजबूत करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विरासत को विश्वभर तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संपदा को संरक्षित करने के साथ-साथ उसकी पहचान दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने के प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए प्रदेशवासियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के संकल्प को मजबूत करना होगा। यूनेस्को की अस्थायी सूची में इन चार स्थलों को स्थान मिलने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और इसे मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों के लिए गौरव का विषय बताया।
