मेरठ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और भाजपा ने अपनी राजनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। सपा जहां PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण के जरिए चुनावी जमीन मजबूत करने में जुटी है, वहीं भाजपा ने इसके जवाब में ‘तब बनाम अब’ का फॉर्मूला आगे बढ़ाया है। पार्टी संगठन और सरकार के स्तर पर सपा सरकार के पांच साल और भाजपा सरकार के करीब एक दशक के कार्यकाल के बीच का फर्क जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
पुराने शासन बनाम मौजूदा सरकार का फर्क बताने की तैयारी
भाजपा अपने अभियान में सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था, दंगों और अपराध से जुड़े मुद्दों को उठा रही है। मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद और आजम खान जैसे नामों का उल्लेख करते हुए पार्टी नेता उस दौर की परिस्थितियों को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा से जुड़े पुराने घटनाक्रमों का भी जिक्र किया जा रहा है।
इसके मुकाबले भाजपा सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था, अपराधियों पर कार्रवाई, एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल, मेट्रो, औद्योगिक निवेश और मेडिकल कॉलेजों के विस्तार को उपलब्धियों के तौर पर जनता के सामने रखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं को भी दोनों सरकारों के कामकाज के अंतर को लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जा रही है।
PDA के बीच जातीय समीकरण पर भी नजर
2027 के चुनाव में PDA को सपा की अहम रणनीति माना जा रहा है। पश्चिमी यूपी में जाट और गुर्जर जैसे सामाजिक समूहों को लेकर भी राजनीतिक सक्रियता बढ़ी है। भाजपा की ओर से जातीय भेदभाव और समाज को बांटने की राजनीति के आरोपों को मुद्दा बनाया जा रहा है।
मेरठ में शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जातीय आधार पर समाज को बांटने और महापुरुषों को जातियों में बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ऐसे प्रयासों के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपील की।
हर मंच से सपा सरकार के दौर की तुलना
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी तक के भाषणों में सपा सरकार के दौर और मौजूदा भाजपा सरकार के कामकाज की तुलना देखने को मिल रही है। पार्टी का जोर इस संदेश पर है कि मतदाताओं को दोनों शासनकाल के बीच का अंतर खुद समझना चाहिए।
मेरठ में आयोजित कार्यक्रमों में भी भाजपा नेताओं ने सपा सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए और 2027 में पार्टी की सरकार बनाने के लिए संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने पर जोर दिया।
