दोनों प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठक राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट में हुई। बागी गुट के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई ऋतब्रत बनर्जी ने की। इस गुट के साथ बैठक का समय शनिवार सुबह 11 बजे निर्धारित किया गया था। वहीं ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के प्रतिनिधिमंडल के साथ दोपहर 12 बजे चर्चा का समय तय किया गया।
चुनाव आयोग के सचिव अश्वनी कुमार मोहल ने 9 सितंबर को दोनों गुटों को बैठक के लिए संदेश भेजा था। बैठक के लिए भेजे गए संदेश में मुलाकात के एजेंडे का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया था। हालांकि, बैठक का मुख्य विषय दोनों पक्षों के पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर किए जा रहे दावों से संबंधित बताया गया।
आयोग दोनों गुटों की ओर से प्रस्तुत किए गए तर्कों को सुनने के बाद इस संबंध में आगे का निर्णय ले सकता है। पार्टी के नाम, लोगो और चुनाव चिह्न को लेकर दोनों पक्षों के दावों के बीच चुनाव आयोग की यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उपचुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।
पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों नंदीग्राम और रेजिनगर में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। नंदीग्राम पूर्वी मिदनापुर जिले में स्थित है। इन दोनों सीटों पर उपचुनाव के लिए आचार संहिता लागू हो चुकी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर निर्धारित है।
ऐसे में चुनाव आयोग को उपचुनाव की अंतिम नामांकन तारीख से पहले पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़े मामले पर फैसला लेना होगा। दोनों गुटों के दावों को लेकर आयोग की ओर से होने वाला निर्णय आगामी चुनाव प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।
उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी आगे बढ़ रही हैं। कांग्रेस ने नंदीग्राम और रेजिनगर दोनों विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। वहीं हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी ने रेजिनगर विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया है।
टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर दोनों पक्षों के बीच जारी विवाद के बीच आयोग की ओर से प्रतिनिधिमंडलों को अलग-अलग समय पर बुलाकर उनकी बात सुनी गई। अब दोनों पक्षों के दावों और उनके पक्ष में दिए गए तर्कों पर विचार करने के बाद चुनाव आयोग को अपना निर्णय लेना है।
इस पूरे मामले में 16 सितंबर की नामांकन अंतिम तारीख महत्वपूर्ण है। इसके बाद 6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। इसलिए चुनाव आयोग के फैसले का सीधा संबंध आगामी उपचुनाव की प्रक्रिया से भी जुड़ा हुआ है।
