पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ हुई चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन और पुलिस के बीच हुई संयुक्त बैठक में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण की रणनीति पर चर्चा की गई।
इंदौर से सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा आवाजाही इंदौर मार्ग से होने की संभावना है। ऐसे में भीड़ का दबाव कम करने के लिए पहले से व्यवस्था तैयार की जा रही है।
प्रस्तावित सैटेलाइट टाउन में श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, पेयजल, भोजन, शौचालय और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन स्थानों से श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से उज्जैन की ओर भेजा जाएगा।
बाहरी क्षेत्रों में स्थानों का चयन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शहर के बाहरी इलाकों में ऐसे कई स्थानों का चयन किया गया है, जहां अस्थायी सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे। इससे उज्जैन में अचानक भीड़ का दबाव नहीं बढ़ेगा।
ट्रैफिक प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण
एडिशनल पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) आर.के. सिंह के अनुसार सिंहस्थ को देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
तीन नए ट्रैफिक थानों का प्रस्ताव
शहर में फिलहाल एक ही ट्रैफिक थाना है। सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए तीन नए ट्रैफिक थानों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है।
इनमें चंदन नगर क्षेत्र में धार रोड, बाणगंगा में सुपर कॉरिडोर और लसूड़िया में महालक्ष्मी नगर में ट्रैफिक थाना बनाने की योजना है। धार रोड के लिए प्रशासन ने जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
कई थानों में बल बढ़ाने का प्रस्ताव
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने तिलक नगर, राऊ और द्वारकापुरी थानों में अतिरिक्त बल बढ़ाने का प्रस्ताव भी पुलिस मुख्यालय को भेजा है। इसके अलावा ट्रैफिक थानों के लिए भी अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की जाएगी।
सिंहस्थ-2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए इंदौर पुलिस तैयारियों को लेकर योजना बना रही है।
