इसके अलावा प्रदेश के अधिकांश जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी शामिल हैं।
28 से 30 अगस्त तक गरज-चमक के आसार
IMD भोपाल के अनुसार, 28 से 30 अगस्त तक प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हालांकि, इस दौरान कुछ चुनिंदा जिलों में ही तेज बारिश होगी। 29 अगस्त को शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट, जबकि 31 अगस्त को मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट है।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, सिस्टम के कमजोर होने से प्रदेश में तेज बारिश का दौर कुछ समय के लिए थम सकता है और कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है।
अब तक 26.5 इंच बारिश, कोटे की 71%
मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब तक 674.6 मिमी यानी 26.5 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 742.3 मिमी यानी 29.2 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में सामान्य से 2.7 इंच यानी करीब 9% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 6% और पश्चिमी हिस्से में 12% कम बारिश दर्ज की गई है।
37 जिलों में कम बारिश
प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 19% तक कम हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिलों में सामान्य से 1 से 49% तक कम बारिश हुई है।
पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 4 से 50% तक कम पानी गिरा है।
18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
अब तक अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
